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अल्फाज़

Siyaa004

Favoured Frenzy
जिस दिन मैं लिखूँगी.....

भीड़ को भ्रम लिखूँगी,
एकांत को सत्य लिखूँगी।

दोस्ती को फरेब लिखूँगी,
प्रेम को छल लिखूँगी।

रिश्तों को एक षडयंत्र लिखूँगी,

अपनों को मतलब का शहर लिखूँगी। ​

फ़िर रख दूँगी अपनी कलम वही.....
और आखिर में
खुद को हर रिश्ते, हर उम्मीद, हर मोह से

मुक्त लिखूँगी... ☘️
 
जिस दिन मैं लिखूँगी.....

भीड़ को भ्रम लिखूँगी,
एकांत को सत्य लिखूँगी।

दोस्ती को फरेब लिखूँगी,
प्रेम को छल लिखूँगी।

रिश्तों को एक षडयंत्र लिखूँगी,

अपनों को मतलब का शहर लिखूँगी। ​

फ़िर रख दूँगी अपनी कलम वही.....
और आखिर में
खुद को हर रिश्ते, हर उम्मीद, हर मोह से

मुक्त लिखूँगी... ☘️
Ayine :think1:
 
No one truly comes, no one truly goes; the world's ties are but a sham.
No one is anyone's sister, niece, or mother—oh, fellow seeker,
Fly away, O solitary soul.
 
जिस दिन मैं लिखूँगी.....

भीड़ को भ्रम लिखूँगी,
एकांत को सत्य लिखूँगी।

दोस्ती को फरेब लिखूँगी,
प्रेम को छल लिखूँगी।

रिश्तों को एक षडयंत्र लिखूँगी,

अपनों को मतलब का शहर लिखूँगी। ​

फ़िर रख दूँगी अपनी कलम वही.....
और आखिर में
खुद को हर रिश्ते, हर उम्मीद, हर मोह से

मुक्त लिखूँगी... ☘️
That’s deep… sometimes the best thing we can write is our own freedom!
 
जिस दिन मैं लिखूँगी.....

भीड़ को भ्रम लिखूँगी,
एकांत को सत्य लिखूँगी।

दोस्ती को फरेब लिखूँगी,
प्रेम को छल लिखूँगी।

रिश्तों को एक षडयंत्र लिखूँगी,

अपनों को मतलब का शहर लिखूँगी। ​

फ़िर रख दूँगी अपनी कलम वही.....
और आखिर में
खुद को हर रिश्ते, हर उम्मीद, हर मोह से

मुक्त लिखूँगी... ☘️
Woww
 
जिस दिन मैं लिखूँगी.....

भीड़ को भ्रम लिखूँगी,
एकांत को सत्य लिखूँगी।

दोस्ती को फरेब लिखूँगी,
प्रेम को छल लिखूँगी।

रिश्तों को एक षडयंत्र लिखूँगी,

अपनों को मतलब का शहर लिखूँगी। ​

फ़िर रख दूँगी अपनी कलम वही.....
और आखिर में
खुद को हर रिश्ते, हर उम्मीद, हर मोह से

मुक्त लिखूँगी... ☘️
Himalaya jane ka plan hai kya? :nerdy:
 
जिस दिन मैं लिखूँगी.....

भीड़ को भ्रम लिखूँगी,
एकांत को सत्य लिखूँगी।

दोस्ती को फरेब लिखूँगी,
प्रेम को छल लिखूँगी।

रिश्तों को एक षडयंत्र लिखूँगी,

अपनों को मतलब का शहर लिखूँगी। ​

फ़िर रख दूँगी अपनी कलम वही.....
और आखिर में
खुद को हर रिश्ते, हर उम्मीद, हर मोह से

मुक्त लिखूँगी... ☘️
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