*एक पल का अहसास बन कर आती हो तुम*
*दूसरे ही पल ख्वाब बन कर उड़ जाती हो तुम*
*जानती भी हो डर लगता है तनहाईयो से *
*फिर क्यों तन्हा छोड़ जाती हो तुम...!!*
*दूसरे ही पल ख्वाब बन कर उड़ जाती हो तुम*
*जानती भी हो डर लगता है तनहाईयो से *
*फिर क्यों तन्हा छोड़ जाती हो तुम...!!*




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