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अंततः

Siyaa004

Favoured Frenzy
और अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।

वो जो मोम सा दिल लिए फिरते हो,
उसे मिट्टी में दफन कर आओगे।

ना किसी की बेरूखी तड़पाएगी
ना किसी का साथ सुकून देगा,

तुम इतने खामोश हो जाओगे,
कि शोर भी सुनने को तरसेगा।

दुनियां कहेंगी बदल गए हों तुम
मगर तुम मुस्करा कर निकल जाओगे,

क्योंकि अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।


●____________ :) ____________●
 
और अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।

वो जो मोम सा दिल लिए फिरते हो,
उसे मिट्टी में दफन कर आओगे।

ना किसी की बेरूखी तड़पाएगी
ना किसी का साथ सुकून देगा,

तुम इतने खामोश हो जाओगे,
कि शोर भी सुनने को तरसेगा।

दुनियां कहेंगी बदल गए हों तुम
मगर तुम मुस्करा कर निकल जाओगे,

क्योंकि अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।


●____________ :) ____________●
Maybe people don’t really become hard they just learn to hide their softness after being hurt too many times. Such a deep thought. ☘️
 
और अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।

वो जो मोम सा दिल लिए फिरते हो,
उसे मिट्टी में दफन कर आओगे।

ना किसी की बेरूखी तड़पाएगी
ना किसी का साथ सुकून देगा,

तुम इतने खामोश हो जाओगे,
कि शोर भी सुनने को तरसेगा।

दुनियां कहेंगी बदल गए हों तुम
मगर तुम मुस्करा कर निकल जाओगे,

क्योंकि अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।


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Wow tum bhi kaafi accha likhti ho
 
और अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।

वो जो मोम सा दिल लिए फिरते हो,
उसे मिट्टी में दफन कर आओगे।

ना किसी की बेरूखी तड़पाएगी
ना किसी का साथ सुकून देगा,

तुम इतने खामोश हो जाओगे,
कि शोर भी सुनने को तरसेगा।

दुनियां कहेंगी बदल गए हों तुम
मगर तुम मुस्करा कर निकल जाओगे,

क्योंकि अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।


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यह सिर्फ अल्फाज़ नहीं, उस मोड़ की दास्तान है जहाँ इंसान महसूस करने से भी थक जाता है। दिल को पत्थर बना लेना आसान लगता है ताकि दर्द न हो, पर उस सन्नाटे में घुटन भी बहुत होती है। उम्मीद है इस खामोशी के पीछे का बोझ धीरे-धीरे हल्का होगा।
 
यह सिर्फ अल्फाज़ नहीं, उस मोड़ की दास्तान है जहाँ इंसान महसूस करने से भी थक जाता है। दिल को पत्थर बना लेना आसान लगता है ताकि दर्द न हो, पर उस सन्नाटे में घुटन भी बहुत होती है। उम्मीद है इस खामोशी के पीछे का बोझ धीरे-धीरे हल्का होगा।
:)
 
और अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।

वो जो मोम सा दिल लिए फिरते हो,
उसे मिट्टी में दफन कर आओगे।

ना किसी की बेरूखी तड़पाएगी
ना किसी का साथ सुकून देगा,

तुम इतने खामोश हो जाओगे,
कि शोर भी सुनने को तरसेगा।

दुनियां कहेंगी बदल गए हों तुम
मगर तुम मुस्करा कर निकल जाओगे,

क्योंकि अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।


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Awesome write up. Keep it up. Ty for sharing.


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