Siyaa004
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और अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।
वो जो मोम सा दिल लिए फिरते हो,
उसे मिट्टी में दफन कर आओगे।
ना किसी की बेरूखी तड़पाएगी
ना किसी का साथ सुकून देगा,
तुम इतने खामोश हो जाओगे,
कि शोर भी सुनने को तरसेगा।
दुनियां कहेंगी बदल गए हों तुम
मगर तुम मुस्करा कर निकल जाओगे,
क्योंकि अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।
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तुम थक कर कठोर बन जाओगे।
वो जो मोम सा दिल लिए फिरते हो,
उसे मिट्टी में दफन कर आओगे।
ना किसी की बेरूखी तड़पाएगी
ना किसी का साथ सुकून देगा,
तुम इतने खामोश हो जाओगे,
कि शोर भी सुनने को तरसेगा।
दुनियां कहेंगी बदल गए हों तुम
मगर तुम मुस्करा कर निकल जाओगे,
क्योंकि अंततः
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।
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