रिश्ते हमारे जीवन की वो फ़सलें हैं जिन्हें जिस तरीके से सींचा जाता है वो उसी के अनुसार पैदावार देती हैं। ये ज़रूर है कि उनमें ग़म और खुशी के मौसमों की मार पड़ती रहती है लेकिन ज़रूरी ये है कि बावजूद इसके उसकी हिफ़ाजत की जाए
रिश्ते
रखे रखे हो गए पुराने तमाम रिश्ते
कहाँ किसी अजनबी से रिश्ता नया बनाएँ
