• We kindly request chatzozo forum members to follow forum rules to avoid getting a temporary suspension. Do not use non-English languages in the International Sex Chat Discussion section. This section is mainly created for everyone who uses English as their communication language.

मंज़िल ...

MrDream

Wellknown Ace
मंज़िल पता नहीं लेकिन सफर तो चलता रहेगा
रास्ते होंगे हज़ार, लेकिन कहीं तो रुकना पडेगा

------------------------------------------------------------

राहें अलग हो सकती हैं, मंज़िल तो एक ही है,
हमसफ़र हों या न हों, मंज़िल तो एक ही है।

किसी का रास्ता आसान, किसी का मुश्किल,
ख़ुशियाँ हों या दर्द-ओ-ग़म, मंज़िल तो एक ही है।

कभी दो राहें मिलती हैं, कभी जुदा हो जाती हैं,
वफ़ा के टूटे वादों के बाद, मंज़िल तो एक ही है।

राह-ए-वफ़ा में अज़्म-ए-समीम ने तन्हा किया,
दुनिया के दर्द-ओ-ग़म में भी, मंज़िल तो एक ही है।

मस्तमौला मिज़ाज, दुनिया की बंदिशों से दूर,
बेफ़िक्र भी, बेक़रार भी—मंज़िल तो एक ही है।
 
मंज़िल पता नहीं लेकिन सफर तो चलता रहेगा
रास्ते होंगे हज़ार, लेकिन कहीं तो रुकना पडेगा

------------------------------------------------------------

राहें अलग हो सकती हैं, मंज़िल तो एक ही है,
हमसफ़र हों या न हों, मंज़िल तो एक ही है।

किसी का रास्ता आसान, किसी का मुश्किल,
ख़ुशियाँ हों या दर्द-ओ-ग़म, मंज़िल तो एक ही है।

कभी दो राहें मिलती हैं, कभी जुदा हो जाती हैं,
वफ़ा के टूटे वादों के बाद, मंज़िल तो एक ही है।

राह-ए-वफ़ा में अज़्म-ए-समीम ने तन्हा किया,
दुनिया के दर्द-ओ-ग़म में भी, मंज़िल तो एक ही है।

मस्तमौला मिज़ाज, दुनिया की बंदिशों से दूर,
बेफ़िक्र भी, बेक़रार भी—मंज़िल तो एक ही है।
शायद मंज़िल से ज़्यादा खूबसूरत वो सफ़र होता है, जो हमें रास्ते में खुद से मिलाता है। ❤️
 
शायद मंज़िल से ज़्यादा खूबसूरत वो सफ़र होता है, जो हमें रास्ते में खुद से मिलाता है। ❤️
रास्ते ही खूबसूरत है, सफ़र खुबसूरत है, वरना मंज़िल तो वही है जहाँ हम सबको एक दिन पहुंचना है| The ultimate destiny and destination!!!
 
मंज़िल पता नहीं लेकिन सफर तो चलता रहेगा
रास्ते होंगे हज़ार, लेकिन कहीं तो रुकना पडेगा

------------------------------------------------------------

राहें अलग हो सकती हैं, मंज़िल तो एक ही है,
हमसफ़र हों या न हों, मंज़िल तो एक ही है।

किसी का रास्ता आसान, किसी का मुश्किल,
ख़ुशियाँ हों या दर्द-ओ-ग़म, मंज़िल तो एक ही है।

कभी दो राहें मिलती हैं, कभी जुदा हो जाती हैं,
वफ़ा के टूटे वादों के बाद, मंज़िल तो एक ही है।

राह-ए-वफ़ा में अज़्म-ए-समीम ने तन्हा किया,
दुनिया के दर्द-ओ-ग़म में भी, मंज़िल तो एक ही है।

मस्तमौला मिज़ाज, दुनिया की बंदिशों से दूर,
बेफ़िक्र भी, बेक़रार भी—मंज़िल तो एक ही है।
Life has many roads and zero GPS. Somehow we still keep moving.
 
Top