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पहले सी फिजाओं में अब बहार नहीं है
चाँद का सितारों पर अब ऐतबार नहीं है
इतनी मायूस हो गयी मेरे जीने की राह
लगता है जिन्दगी को मुझसे प्यार नहीं है।
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Bilkul sahi kahaView attachment 414281
पहले सी फिजाओं में अब बहार नहीं है
चाँद का सितारों पर अब ऐतबार नहीं है
इतनी मायूस हो गयी मेरे जीने की राह
लगता है जिन्दगी को मुझसे प्यार नहीं है।
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Hum humesha sahi kheteBilkul sahi kaha![]()

Thnks dear
Chand sitare, ye hathon ki lakeeren mat kar aitbaar inka,View attachment 414281
पहले सी फिजाओं में अब बहार नहीं है
चाँद का सितारों पर अब ऐतबार नहीं है
इतनी मायूस हो गयी मेरे जीने की राह
लगता है जिन्दगी को मुझसे प्यार नहीं है।
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