छेड़-छाड़ करता रहा मुझ से बहुत नसीबहारने का डर और जीतने की उम्मीद, इन दोनो के बीच जो एक टेंशन वाला वक्त होता है ना, कमाल का होता है"
न तो कुछ फ़िक्र में हासिल है न तदबीर में है
Us waqt ki yaad na dilaoहारने का डर और जीतने की उम्मीद, इन दोनो के बीच जो एक टेंशन वाला वक्त होता है ना, कमाल का होता है"
kambakht ye BP BHI sahi Sath nai deta