
क्यों महसूस नहीं होती उसे मेरी तकलीफ,
जो कहती थी अच्छे से जानती हूँ तुम्हे!
फोन में नंबर सेव है मगर बात नहीं होती,
तुझे याद ना करू ऐसी कोई रात नहीं होती!
तू भी आईने की तरह बेवफा निकली,
जो भी सामने आया बस उसी की हो गई!
सच्चे प्यार की ना तो कदर होती है
और ना ही कोई समझता है इसलिए
सच्चा प्यार अक्सर अधूरा रह जाता है!
मत पूछो शीशे से उसके टूटने की वजह,
उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समझा होगा!




