वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान सेपरवाज परिंदों सी रखते हैं
जमीं से आसमां तक उड़ते हैं।
ना पूछ तू हिम्मत का मेरी
हम मौत से हर पल लड़ते हैं।
वो और थे जो हार गए आसमान से
वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान सेपरवाज परिंदों सी रखते हैं
जमीं से आसमां तक उड़ते हैं।
ना पूछ तू हिम्मत का मेरी
हम मौत से हर पल लड़ते हैं।
Bandar bilkul chain se hai bechain to bandariya hoti hai kyuki bndariya kuch zyada bndr log k sath uchal kud machati hai naOho to bandar ko bechin karhi diya usne ,![]()

Khudki hoshlo ki udaan ho toh maza kuch or haiबग़ैर आपके तो हर परवाज़ अधूरी है मेंरी,
हौसला आपका ही शामिल है मेरी उड़ानों में...!
इक परिंदा अभी उड़ान में हैKhudki hoshlo ki udaan ho toh maza kuch or hai