मां के लिए ये जीवन अर्पितस्याही खत्म हो गयी “माँ” लिखते-लिखते
उसके प्यार की दास्तान इतनी लंबी थीView attachment 234904
स्याही खत्म हो गयी “माँ” लिखते-लिखते
उसके प्यार की दास्तान इतनी लंबी थीView attachment 234904

एक दुनिया है जो समझाने से भी नहीं समझती,Dill kidhar fek gaye the Jo sihai ki jarurat padh gai maa k liye![]()
मेरा दिल तो मेरी माँ ही है , पगलीDill kidhar fek gaye the Jo sihai ki jarurat padh gai maa k liye![]()
स्याही खत्म हो गयी “माँ” लिखते-लिखते
उसके प्यार की दास्तान इतनी लंबी थीView attachment 234904

स्याही खत्म हो गयी “माँ” लिखते-लिखते
उसके प्यार की दास्तान इतनी लंबी थीView attachment 234904

Hey devi,Phir sihai ki jarurat kyu padi![]()
