सुनो प्रिय,
हमारे बीच परिस्थितियाँ
सदैव एक-सी नहीं रहेंगी।
कभी तर्क होंगे,
कभी मतभेद,
कभी क्रोध की आँच होगी,
तो कभी शब्दों की चोट भी।
ज़िंदगी में ऐसे मौसम आएँगे
जब एक-दूसरे को समझना भी कठिन लगेगा।
लेकिन उन सबके बीच
हमें एक बात नहीं भूलनी है-
कलह से बड़ा हमारा प्रेम है,
अहंकार से बड़ा हमारा रिश्ता है।
क्योंकि प्रेम का अर्थ
यह नहीं कि हमारे बीच कभी तूफ़ान न आए;
प्रेम तो यह है कि
तूफ़ान आने के बाद भी
हम एक-दूसरे का हाथ छोड़ें नहीं
हम एक-दूसरे का साथ छोड़ें नहीं।

हमारे बीच परिस्थितियाँ
सदैव एक-सी नहीं रहेंगी।
कभी तर्क होंगे,
कभी मतभेद,
कभी क्रोध की आँच होगी,
तो कभी शब्दों की चोट भी।
ज़िंदगी में ऐसे मौसम आएँगे
जब एक-दूसरे को समझना भी कठिन लगेगा।
लेकिन उन सबके बीच
हमें एक बात नहीं भूलनी है-
कलह से बड़ा हमारा प्रेम है,
अहंकार से बड़ा हमारा रिश्ता है।
क्योंकि प्रेम का अर्थ
यह नहीं कि हमारे बीच कभी तूफ़ान न आए;
प्रेम तो यह है कि
तूफ़ान आने के बाद भी
हम एक-दूसरे का हाथ छोड़ें नहीं
हम एक-दूसरे का साथ छोड़ें नहीं।





