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सब कुछ बदल गया है

फिर क्यू नहीं जैसे थे वैसे हम
क्यों होती है बातोबातो मे आँखे नम
मंजिल की तो चाहत नई ख्वाइसे हम सफर की ही तहज
पर फिर भी क्यों रुक जाती है चलते चलते ये कदम :nerdy::nerdy:
बीत चुके हैं अब सारे गम
अब तो निखर के उभरे हैं हम
आंखें तो तुम्हारे लिए ही थी नम
अब आने नहीं देंगे कोई भी गम
हमसफर हूं तेरा अब मंजिल नहीं चाहिए

तेरे साथ मिलके बढ़ाऊंगा अपने कदम।
:nodding: :blush:
 
प्यार की समुन्दर मे उमंगो की लहरे है
कैसे बढ़ेगी ये कदम हर
कदम कदम पे ज़माने की पहरे हैँ
प्यार के समुद्र में उमंगों की लहरों को
खुल के उफान भरने दो
प्यार की एक कश्ती तैयार की है हमने
सब लहरों को गले लगा मुस्कुराएगी।
पहरे तो प्यार पे लगते ही आए हैं
आशिक कब डरे हैं जो आज डर जायेंगे
पहरे सारे तोड़ देंगे, प्यार की मशाल जलाएंगे

जिन्हें प्यार नहीं आता उन्हें भी प्यार सिखाएंगे।
:nodding: :wink:
 
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कुछ वही रहा, कुछ बदल गया
दिन वही रहा,दिनांक बदल गया
घर वही रहा, लोग बदल गए

रिश्ते वही रहे ,मायने बदल गए!

आ गए हम कहां कि, सब कुछ बदल गया
मुड़ना जो चाहा तो, मोड़ बदल गए थे
मिलना जो चाहा उनसे तो, वो लोग जा चुके थे
जो रह गए थे शेष, वो ख़ुद को बदल लिए थे!


शरारत जो करना चाहा तो, वो उम्र जा चुकी थी
उम्र के इस पड़ाव पर, वो बात का चुकी थी
आहत जो हुआ दिल तो, ढूंढ़ने लगा किसी को

मिलता भी कोई कैसे, की रोशनी का चुकी थी!

मंजिल वही रहा ,पर रास्ते बदल गए
नजर वही रही, पर नजारे बदल गए
वक़्त वही रहा ,वक़्त के इशारे बदल गए
लगता है जैसे ,सब कुछ बदल गया है
हम भी बदल गए है ,तुम भी बदल गए हो!!
Ohhhh :shake:
 
प्यार की समुन्दर मे उमंगो की लहरे है
कैसे बढ़ेगी ये कदम हर
कदम कदम पे ज़माने की पहरे हैँ
Woh kaya baat hai :emo:
 
प्यार के समुद्र में उमंगों की लहरों को
खुल के उफान भरने दो
प्यार की एक कश्ती तैयार की है हमने
सब लहरों को गले लगा मुस्कुराएगी।
पहरे तो प्यार पे लगते ही आए हैं
आशिक कब डरे हैं जो आज डर जायेंगे
पहरे सारे तोड़ देंगे, प्यार की मशाल जलाएंगे

जिन्हें प्यार नहीं आता उन्हें भी प्यार सिखाएंगे।
:nodding: :wink:
Jio fiber ki tara :giggle:
 
सब कुछ बदल गया है।
मैं भूल गया हूँ हम कब यहाँ आए थे,
कब यहाँ से गुज़रे थे।
पर सब कुछ बदल गया है।
सब कुछ भिन्न है
और मृत है
और सुंदर है।

पहाड़ियाँ अब भी यहाँ हैं
पर अब वे ख़ाली हैं।
सिर्फ़ पत्थर और चट्टानें उन पर खड़े हैं।
सूर्य अब भी निकलता है।
एक गड्ढा लावा उगल रहा है।
एक कंकड़ कहीं चमक रहा है।
तीन पेड़
जो पहले यहाँ थे
अब नहीं हैं।
एक घोड़ा
जो पिछली बार
लपक कर चला गया था,
उसकी बस कल्पना है।

कल्पना सुंदर है।
 
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कुछ वही रहा, कुछ बदल गया
दिन वही रहा,दिनांक बदल गया
घर वही रहा, लोग बदल गए

रिश्ते वही रहे ,मायने बदल गए!

आ गए हम कहां कि, सब कुछ बदल गया
मुड़ना जो चाहा तो, मोड़ बदल गए थे
मिलना जो चाहा उनसे तो, वो लोग जा चुके थे
जो रह गए थे शेष, वो ख़ुद को बदल लिए थे!


शरारत जो करना चाहा तो, वो उम्र जा चुकी थी
उम्र के इस पड़ाव पर, वो बात का चुकी थी
आहत जो हुआ दिल तो, ढूंढ़ने लगा किसी को

मिलता भी कोई कैसे, की रोशनी का चुकी थी!

मंजिल वही रहा ,पर रास्ते बदल गए
नजर वही रही, पर नजारे बदल गए
वक़्त वही रहा ,वक़्त के इशारे बदल गए
लगता है जैसे ,सब कुछ बदल गया है
हम भी बदल गए है ,तुम भी बदल गए हो!!
Wow Very Nice
 
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कुछ वही रहा, कुछ बदल गया
दिन वही रहा,दिनांक बदल गया
घर वही रहा, लोग बदल गए

रिश्ते वही रहे ,मायने बदल गए!

आ गए हम कहां कि, सब कुछ बदल गया
मुड़ना जो चाहा तो, मोड़ बदल गए थे
मिलना जो चाहा उनसे तो, वो लोग जा चुके थे
जो रह गए थे शेष, वो ख़ुद को बदल लिए थे!


शरारत जो करना चाहा तो, वो उम्र जा चुकी थी
उम्र के इस पड़ाव पर, वो बात का चुकी थी
आहत जो हुआ दिल तो, ढूंढ़ने लगा किसी को

मिलता भी कोई कैसे, की रोशनी का चुकी थी!

मंजिल वही रहा ,पर रास्ते बदल गए
नजर वही रही, पर नजारे बदल गए
वक़्त वही रहा ,वक़्त के इशारे बदल गए
लगता है जैसे ,सब कुछ बदल गया है
हम भी बदल गए है ,तुम भी बदल गए हो!!
I know this song only...
Sab kuch badal gaya mera...


किसी की आदत
बदल सकते है,
लेकिन
फितरत को

नहीं बदल सकते..!! ​
 
I know this song only...
Sab kuch badal gaya mera...


किसी की आदत
बदल सकते है,
लेकिन
फितरत को

नहीं बदल सकते..!! ​
सब कुछ बदल गया है।

मैं भूल गया हूँ हम कब यहाँ आए थे,

कब यहाँ से गुज़रे थे।

पर सब कुछ बदल गया है।

सब कुछ भिन्न है

और मृत है

और सुंदर है।

पहाड़ियाँ अब भी यहाँ हैं

पर अब वे ख़ाली हैं।

सिर्फ़ पत्थर और चट्टानें उन पर खड़े हैं।

सूर्य अब भी निकलता है।

एक गड्ढा लावा उगल रहा है।

एक कंकड़ कहीं चमक रहा है।

तीन पेड़

जो पहले यहाँ थे

अब नहीं हैं।

एक घोड़ा

जो पिछली बार

लपक कर चला गया था,

उसकी बस कल्पना है।

कल्पना सुंदर है।
 
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