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Rockzz✨❤️श्वेतराग❤️
Guest
बीत चुके हैं अब सारे गमफिर क्यू नहीं जैसे थे वैसे हम
क्यों होती है बातोबातो मे आँखे नम
मंजिल की तो चाहत नई ख्वाइसे हम सफर की ही तहज
पर फिर भी क्यों रुक जाती है चलते चलते ये कदम![]()
अब तो निखर के उभरे हैं हम
आंखें तो तुम्हारे लिए ही थी नम
अब आने नहीं देंगे कोई भी गम
हमसफर हूं तेरा अब मंजिल नहीं चाहिए
तेरे साथ मिलके बढ़ाऊंगा अपने कदम।






