बातों ही बातों में: आँखों का जादू
कहते हैं कि दिल का रास्ता आँखों से होकर गुज़रता है, और जब बात आँखों की मोहब्बत की हो, तो अल्फ़ाज़ कम पड़ जाते हैं। आँखें सिर्फ चेहरे का हिस्सा नहीं, बल्कि रूह का आइना होती हैं—जो बिना कुछ कहे सब कुछ बयां कर देती हैं। कभी इनमें डूब जाने वाली गहराई होती है, तो कभी एक पल की नज़रअंदाज़ी पूरे दिल को बेचैन कर देती है। इसी कशिश को बयां करते हुए किसी शायर ने क्या खूब लिखा है:
"वो जो देखते हैं तिरछी नज़रों से,
कत्ल भी करते हैं और खंज़र भी नहीं होता।
न डूब जाए कहीं ये दिल उनके हुस्न के दरिया में,
उनकी आँखों सा गहरा तो कोई समंदर भी नहीं होता।"
तो दोस्तों, आँखों की इस ख़ामोश ज़ुबान और उनके इस सम्मोहन (hypnotic charm) के बारे में आपका क्या कहना है? किसी की आँखों में खो जाने का वो पहला अहसास कैसा था?