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बहुत दिन हो गए हैं तुमसे बिछड़े,........ अब फिर तुम्हें मिलने का मन करता है,

Kartik227

Epic Legend

बहुत दिन हो गए


बहुत दिन हो गए हैं तुमसे बिछड़े,
अब फिर तुम्हें मिलने का मन करता है,
इन ख़ामोश सी रातों में जाने क्यों,
बस तुम्हारा ही ज़िक्र करता है।



तेरी आवाज़ सुनने को दिल तरसता है,
तेरी एक झलक को आँखें ढूँढती हैं,
भीड़ में भी तन्हा सा लगता है अब,
क्योंकि यादें तेरी ही साथ चलती हैं।


न जाने कितनी बातें बाकी हैं,
न जाने कितने किस्से अधूरे हैं,
मिल जाओ तो शायद कह दूँ सब,
जो लफ़्ज़ आज तक दिल में ठहरे हैं।


बस एक बार सामने आ जाना,
फिर कोई शिकायत नहीं करूँगा,
बहुत दिन हो गए हैं तुमसे बिछड़े,
अब मिलोगे तो शायद फिर से मुस्कुराऊँगा।



Jarvis
 

बहुत दिन हो गए


बहुत दिन हो गए हैं तुमसे बिछड़े,
अब फिर तुम्हें मिलने का मन करता है,
इन ख़ामोश सी रातों में जाने क्यों,
बस तुम्हारा ही ज़िक्र करता है।



तेरी आवाज़ सुनने को दिल तरसता है,
तेरी एक झलक को आँखें ढूँढती हैं,
भीड़ में भी तन्हा सा लगता है अब,
क्योंकि यादें तेरी ही साथ चलती हैं।


न जाने कितनी बातें बाकी हैं,
न जाने कितने किस्से अधूरे हैं,
मिल जाओ तो शायद कह दूँ सब,
जो लफ़्ज़ आज तक दिल में ठहरे हैं।



बस एक बार सामने आ जाना,
फिर कोई शिकायत नहीं करूँगा,
बहुत दिन हो गए हैं तुमसे बिछड़े,
अब मिलोगे तो शायद फिर से मुस्कुराऊँगा।



Jarvis
Awesome bro✨
 

बहुत दिन हो गए


बहुत दिन हो गए हैं तुमसे बिछड़े,
अब फिर तुम्हें मिलने का मन करता है,
इन ख़ामोश सी रातों में जाने क्यों,
बस तुम्हारा ही ज़िक्र करता है।



तेरी आवाज़ सुनने को दिल तरसता है,
तेरी एक झलक को आँखें ढूँढती हैं,
भीड़ में भी तन्हा सा लगता है अब,
क्योंकि यादें तेरी ही साथ चलती हैं।


न जाने कितनी बातें बाकी हैं,
न जाने कितने किस्से अधूरे हैं,
मिल जाओ तो शायद कह दूँ सब,
जो लफ़्ज़ आज तक दिल में ठहरे हैं।



बस एक बार सामने आ जाना,
फिर कोई शिकायत नहीं करूँगा,
बहुत दिन हो गए हैं तुमसे बिछड़े,
अब मिलोगे तो शायद फिर से मुस्कुराऊँगा।



Jarvis
You really have a good understanding of poetic representation.. Keep writing!
:fingercross:
 

बहुत दिन हो गए


बहुत दिन हो गए हैं तुमसे बिछड़े,
अब फिर तुम्हें मिलने का मन करता है,
इन ख़ामोश सी रातों में जाने क्यों,
बस तुम्हारा ही ज़िक्र करता है।



तेरी आवाज़ सुनने को दिल तरसता है,
तेरी एक झलक को आँखें ढूँढती हैं,
भीड़ में भी तन्हा सा लगता है अब,
क्योंकि यादें तेरी ही साथ चलती हैं।


न जाने कितनी बातें बाकी हैं,
न जाने कितने किस्से अधूरे हैं,
मिल जाओ तो शायद कह दूँ सब,
जो लफ़्ज़ आज तक दिल में ठहरे हैं।



बस एक बार सामने आ जाना,
फिर कोई शिकायत नहीं करूँगा,
बहुत दिन हो गए हैं तुमसे बिछड़े,
अब मिलोगे तो शायद फिर से मुस्कुराऊँगा।



Jarvis
Some distances dont end stories… they just leave a few words waiting to be spoken.
 
एक मिज़ाज है जिसे इस महफ़िल से दूर जाना है!
एक रूह है जिसे बस तुहारी पनाह चाहिए !
 
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