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फिर मिली अप्सरा ....

CuteBubble

ₘₑₗₒdᵢₒᵤₛ ₛₒᵤₗ
VIP
Senior's
Posting Freak
एक मुझे मिली अप्सरा
कानों मे थी बाली
ज़ुल्फ़ें जिसकी काली काली
आँखें नीली नीली
ना जाने कितनी उसने पी ली....

गोरा गोरा जिस्म है
जैसे ठण्ड मे होती रम है...

शहर उसका कुछ ख़ास
बड़े जादू है उसके पास...

पलकें मोटी मोटी
और आँखें छोटी छोटी...

जब उसने मुझे देखा
मैंने फाड़ के सीना हथेली पर रखा...

चन्दन का लगती बाग़ कोई
मेरी सोती किस्मत जाग गई...

जादू है यह कोई
या ख़ुदा की माया है
तारों की महफ़िल में
हाय चाँद आया है
तारों की महफ़िल में
हाय चाँद आया है...

थोड़ी थोड़ी बारिश हुई
उसको छूने की चाह हुई...

पास मेरे से एक फकीर निकला
बोला छोड़ इश्क़ में क्या रखा
उसकी बात समझ ना आयी तौबा
मैंने बोला थोड़ा आगे चलो बाबा...


फूलों का लगती राज महल
वो चलता फिरता ताज महल...


उसकी आवाज़ सुन
सुनके खुदा उठ गया अपनी मजार से...
फिर मेरी औकात क्या है
मेरी औकात क्या है
ऊपर से काली रात है...

उसको में भी अच्छी लगी
ना जाने क्यों दिल में खलबली मची
हम दोनों की धड़कने बढ़ गयी...

मैं उसका नाम थी पूछना चाहती
उसके अहसास दिल के समझ नहीं आती...

मैं शायरा हो के भी
उसको कुछ शायरी सुना ना पायी
मैं इतनी बे-सुर कम्भख्त
फिर भी उसके लिए कुछ गायी...

पिलाया था मैंने उसे
पानी अपने हाथों से
वो मेरा नाम भी पूछ गयी
अपनी आँखों से...

बिन पिए ही सुरूर है
सारा जमाना चुप
दिल में अभी शोर है...

मैं कैसे उस से बात करुँ
उसकी अलग है बोली
उसने न कोई जुबान खोली
पर जब वो कुछ बोली
लगा जैसे बादलों ने खिड़की खोली
और तारों ने बजायी खूब ताली...

एक शायरा के लिए ये पाप है
पापी कहेगी दुनिया
ठण्ड थी उसको लग रही
और मैं मेरी डायरी को जला रही...

हाय कितने मेरे शेर मर गए
हाय कितनी मेरी शायरी मर गई
कितनी मेरी ग़ज़लें जल गई
जो किसी से ना हुआ
वो शायद उसकी जुल्फें कर गई...

मेरा तो वहां दिल से रोना हो गया
गूंगों जैसा जिस्म मौन हो गया
मैं फोटो उसके साथ लेने ही लगी
की बंद मेरा फ़ोन हो गया ...

वैसे तो दिल में छप गयी है
फोटो की जरूरत नहीं
चार दिन में भूल जाऊँ
ऐसी उसकी सूरत नहीं...

फिर मुझे एक ख्याल आया
मन में मेरे एक सवाल आया...

की खुदा ऐसे भी कर सकता था
जैसे मस्जिद किसी पीर को पाती
कितना अच्छा होता अगर
आँखें तस्वीर खींच जाती...

फिर ऐसी कमाल चीज़ हुई
जो कभी मेरे साथ ना हुई
उसे आ ही गयी नींद पर
सिरहाना था न कोई...

फूलों की एक टोकरी फिर
टकराई मेरी बाँह से
वो 1 घंटा सोती रही
मेरी सीधी बाँह पे...

अब बाँह मेरी को धोऊँगी नहीं मैं
चाहे बीते 50 दीवाली
एक मिली मुझे अप्सरा
कानों में जिसके थी बाली...


चाहे किसी ने देख ली दुनियाँ
या ख़ुदा देखा है
जिसने तुम्हें नहीं देखा
फिर क्या देखा है...

गलत हुआ यक़ीन के
इक़रार नहीं होता
मुझे लगता था
पहली नज़र में प्यार नहीं होता...

फिर आ गयी उसकी ट्रैन हाय
सीने मेरे में हुआ दर्द हाय
वो जब गले लग जाने लगी
उसकी चैन में फस गई मेरी चैन हाय...


अब की कोशिश उल्झन सुलझाने की
पर मैं अचानक खड़ी हुई
और दिल के लॉकेट वाली चैन बीचों बीच से टूट गई...


लूट गया सब कुछ मेरा
जो था मेरे पास
मैं सब से अमीर थी
जब वो थी मेरे पास...

ना उसका पता
ना नंबर देके चली
मैनें खुद दिल को दी झूठी तसल्ली...

की कहीं न मिलकर
कहीं तो मिलेंगे
एक दूसरे से मर मिलेंगे...


मैंने कह के दिल को समझा लिया
इन्शाह अल्लाह फिर मिलेंगे
इन्शाह अल्लाह फिर मिलेंगे...


उसके चारों और घूम संसार मेरा गया
मेरा दिल ऐसा उसमे ग़ुम गया
उसने सर आगे तो किया पर मुझसे वो माथा चूमा न गया...


हमने कहा अगर
कोई इशारा लगता है
प्यार मुझे होगा
अब दोबारा लगता है...

प्यार मुझे होगा
अब दोबारा लगता है...!!!
 
एक मुझे मिली अप्सरा
कानों मे थी बाली
ज़ुल्फ़ें जिसकी काली काली
आँखें नीली नीली
ना जाने कितनी उसने पी ली....

गोरा गोरा जिस्म है
जैसे ठण्ड मे होती रम है...

शहर उसका कुछ ख़ास
बड़े जादू है उसके पास...

पलकें मोटी मोटी
और आँखें छोटी छोटी...

जब उसने मुझे देखा
मैंने फाड़ के सीना हथेली पर रखा...

चन्दन का लगती बाग़ कोई
मेरी सोती किस्मत जाग गई...

जादू है यह कोई
या ख़ुदा की माया है
तारों की महफ़िल में
हाय चाँद आया है
तारों की महफ़िल में
हाय चाँद आया है...

थोड़ी थोड़ी बारिश हुई
उसको छूने की चाह हुई...

पास मेरे से एक फकीर निकला
बोला छोड़ इश्क़ में क्या रखा
उसकी बात समझ ना आयी तौबा
मैंने बोला थोड़ा आगे चलो बाबा...


फूलों का लगती राज महल
वो चलता फिरता ताज महल...


उसकी आवाज़ सुन
सुनके खुदा उठ गया अपनी मजार से...
फिर मेरी औकात क्या है
मेरी औकात क्या है
ऊपर से काली रात है...

उसको में भी अच्छी लगी
ना जाने क्यों दिल में खलबली मची
हम दोनों की धड़कने बढ़ गयी...

मैं उसका नाम थी पूछना चाहती
उसके अहसास दिल के समझ नहीं आती...

मैं शायरा हो के भी
उसको कुछ शायरी सुना ना पायी
मैं इतनी बे-सुर कम्भख्त
फिर भी उसके लिए कुछ गायी...

पिलाया था मैंने उसे
पानी अपने हाथों से
वो मेरा नाम भी पूछ गयी
अपनी आँखों से...

बिन पिए ही सुरूर है
सारा जमाना चुप
दिल में अभी शोर है...

मैं कैसे उस से बात करुँ
उसकी अलग है बोली
उसने न कोई जुबान खोली
पर जब वो कुछ बोली
लगा जैसे बादलों ने खिड़की खोली
और तारों ने बजायी खूब ताली...

एक शायरा के लिए ये पाप है
पापी कहेगी दुनिया
ठण्ड थी उसको लग रही
और मैं मेरी डायरी को जला रही...

हाय कितने मेरे शेर मर गए
हाय कितनी मेरी शायरी मर गई
कितनी मेरी ग़ज़लें जल गई
जो किसी से ना हुआ
वो शायद उसकी जुल्फें कर गई...

मेरा तो वहां दिल से रोना हो गया
गूंगों जैसा जिस्म मौन हो गया
मैं फोटो उसके साथ लेने ही लगी
की बंद मेरा फ़ोन हो गया ...

वैसे तो दिल में छप गयी है
फोटो की जरूरत नहीं
चार दिन में भूल जाऊँ
ऐसी उसकी सूरत नहीं...

फिर मुझे एक ख्याल आया
मन में मेरे एक सवाल आया...

की खुदा ऐसे भी कर सकता था
जैसे मस्जिद किसी पीर को पाती
कितना अच्छा होता अगर
आँखें तस्वीर खींच जाती...

फिर ऐसी कमाल चीज़ हुई
जो कभी मेरे साथ ना हुई
उसे आ ही गयी नींद पर
सिरहाना था न कोई...

फूलों की एक टोकरी फिर
टकराई मेरी बाँह से
वो 1 घंटा सोती रही
मेरी सीधी बाँह पे...

अब बाँह मेरी को धोऊँगी नहीं मैं
चाहे बीते 50 दीवाली
एक मिली मुझे अप्सरा
कानों में जिसके थी बाली...


चाहे किसी ने देख ली दुनियाँ
या ख़ुदा देखा है
जिसने तुम्हें नहीं देखा
फिर क्या देखा है...

गलत हुआ यक़ीन के
इक़रार नहीं होता
मुझे लगता था
पहली नज़र में प्यार नहीं होता...

फिर आ गयी उसकी ट्रैन हाय
सीने मेरे में हुआ दर्द हाय
वो जब गले लग जाने लगी
उसकी चैन में फस गई मेरी चैन हाय...


अब की कोशिश उल्झन सुलझाने की
पर मैं अचानक खड़ी हुई
और दिल के लॉकेट वाली चैन बीचों बीच से टूट गई...


लूट गया सब कुछ मेरा
जो था मेरे पास
मैं सब से अमीर थी
जब वो थी मेरे पास...

ना उसका पता
ना नंबर देके चली
मैनें खुद दिल को दी झूठी तसल्ली...

की कहीं न मिलकर
कहीं तो मिलेंगे
एक दूसरे से मर मिलेंगे...


मैंने कह के दिल को समझा लिया
इन्शाह अल्लाह फिर मिलेंगे
इन्शाह अल्लाह फिर मिलेंगे...


उसके चारों और घूम संसार मेरा गया
मेरा दिल ऐसा उसमे ग़ुम गया
उसने सर आगे तो किया पर मुझसे वो माथा चूमा न गया...


हमने कहा अगर
कोई इशारा लगता है
प्यार मुझे होगा
अब दोबारा लगता है...

प्यार मुझे होगा
अब दोबारा लगता है...!!!
OMG ... creative imagination to suna hai , aaj real me dekh liya kise khete hai. Shayad wo Apsara agar padhti to uske bhi gal padhke lal ho jate ,itni masum , sundar , soft hearted create ki hai use. Ye sirf shayri hi nhi , pheli nazar ke ishq ki poori ki poori dastan hai. Really spellbound reading it. Kash iski zalak muje bhi dkehne mil jaye. I know I am not that lucky like you, jo khud ek Apsara se kisi bhi level pe kam ni. Again welcomes you back . Please, now never think of leaving . You dont know , how much loss we guys have when you skip coming to zozo. . Missing your wonderful creations. Ty for sharing . Keep it up. :blessing:
 
OMG ... creative imagination to suna hai , aaj real me dekh liya kise khete hai. Shayad wo Apsara agar padhti to uske bhi gal padhke lal ho jate ,itni masum , sundar , soft hearted create ki hai use. Ye sirf shayri hi nhi , pheli nazar ke ishq ki poori ki poori dastan hai. Really spellbound reading it. Kash iski zalak muje bhi dkehne mil jaye. I know I am not that lucky like you, jo khud ek Apsara se kisi bhi level pe kam ni. Again welcomes you back . Please, now never think of leaving . You dont know , how much loss we guys have when you skip coming to zozo. . Missing your wonderful creations. Ty for sharing . Keep it up. :blessing:
Waah ji waah...!! aankhein band karo mai bhejti hu apsra apke pass... man ki aankho se dekho.. apko bhi dikhegi wo husan pari... :blush::blush:
 
OMG ... creative imagination to suna hai , aaj real me dekh liya kise khete hai. Shayad wo Apsara agar padhti to uske bhi gal padhke lal ho jate ,itni masum , sundar , soft hearted create ki hai use. Ye sirf shayri hi nhi , pheli nazar ke ishq ki poori ki poori dastan hai. Really spellbound reading it. Kash iski zalak muje bhi dkehne mil jaye. I know I am not that lucky like you, jo khud ek Apsara se kisi bhi level pe kam ni. Again welcomes you back . Please, now never think of leaving . You dont know , how much loss we guys have when you skip coming to zozo. . Missing your wonderful creations. Ty for sharing . Keep it up. :blessing:
Par ak baat ka afsos hai mujhe... ki wo apsra ko thand se bchaane k chkkr mai diary jlaani pdd gyi :p:p
ab apke pas phunchne mai delay ho skata hai us diary ka.. jaise ajkl mere myntra ke orders week weeks delay hote jaa rhe hai .. ab mai smjh skti hu apki wo betaabi diary ko paane ki :giggle:
 
Par ak baat ka afsos hai mujhe... ki wo apsra ko thand se bchaane k chkkr mai diary jlaani pdd gyi :p:p
ab apke pas phunchne mai delay ho skata hai us diary ka.. jaise ajkl mere myntra ke orders week weeks delay hote jaa rhe hai .. ab mai smjh skti hu apki wo betaabi diary ko paane ki :giggle:
Jo baat kabse dil me dbake rakhi thi . Almost hoto pe aa hi gyi thi , lekin socha phele aapke creations ko pura respect de du fir thoda selfish bnu . Ab wo to maine bhi aapke creation me padha , diary jla di , lekin jaise man ki aankhose Khubsurat Apsara ko dikhaya aise hi aap manki aankho se fir diary ko dekh ke copy kar lo. Diary to bhejni padegi . No ifs n buts. :nerdy:
 
Jo baat kabse dil me dbake rakhi thi . Almost hoto pe aa hi gyi thi , lekin socha phele aapke creations ko pura respect de du fir thoda selfish bnu . Ab wo to maine bhi aapke creation me padha , diary jla di , lekin jaise man ki aankhose Khubsurat Apsara ko dikhaya aise hi aap manki aankho se fir diary ko dekh ke copy kar lo. Diary to bhejni padegi . No ifs n buts. :nerdy:
haanji Bilkul apki diary aapko mil jaayegi.... cutebubble ki shipping mai der hai par andher nhi.. jald ship kr dungi :fingercross: :fingercross:
 
एक मुझे मिली अप्सरा
कानों मे थी बाली
ज़ुल्फ़ें जिसकी काली काली
आँखें नीली नीली
ना जाने कितनी उसने पी ली....

गोरा गोरा जिस्म है
जैसे ठण्ड मे होती रम है...

शहर उसका कुछ ख़ास
बड़े जादू है उसके पास...

पलकें मोटी मोटी
और आँखें छोटी छोटी...

जब उसने मुझे देखा
मैंने फाड़ के सीना हथेली पर रखा...

चन्दन का लगती बाग़ कोई
मेरी सोती किस्मत जाग गई...

जादू है यह कोई
या ख़ुदा की माया है
तारों की महफ़िल में
हाय चाँद आया है
तारों की महफ़िल में
हाय चाँद आया है...

थोड़ी थोड़ी बारिश हुई
उसको छूने की चाह हुई...

पास मेरे से एक फकीर निकला
बोला छोड़ इश्क़ में क्या रखा
उसकी बात समझ ना आयी तौबा
मैंने बोला थोड़ा आगे चलो बाबा...


फूलों का लगती राज महल
वो चलता फिरता ताज महल...


उसकी आवाज़ सुन
सुनके खुदा उठ गया अपनी मजार से...
फिर मेरी औकात क्या है
मेरी औकात क्या है
ऊपर से काली रात है...

उसको में भी अच्छी लगी
ना जाने क्यों दिल में खलबली मची
हम दोनों की धड़कने बढ़ गयी...

मैं उसका नाम थी पूछना चाहती
उसके अहसास दिल के समझ नहीं आती...

मैं शायरा हो के भी
उसको कुछ शायरी सुना ना पायी
मैं इतनी बे-सुर कम्भख्त
फिर भी उसके लिए कुछ गायी...

पिलाया था मैंने उसे
पानी अपने हाथों से
वो मेरा नाम भी पूछ गयी
अपनी आँखों से...

बिन पिए ही सुरूर है
सारा जमाना चुप
दिल में अभी शोर है...

मैं कैसे उस से बात करुँ
उसकी अलग है बोली
उसने न कोई जुबान खोली
पर जब वो कुछ बोली
लगा जैसे बादलों ने खिड़की खोली
और तारों ने बजायी खूब ताली...

एक शायरा के लिए ये पाप है
पापी कहेगी दुनिया
ठण्ड थी उसको लग रही
और मैं मेरी डायरी को जला रही...

हाय कितने मेरे शेर मर गए
हाय कितनी मेरी शायरी मर गई
कितनी मेरी ग़ज़लें जल गई
जो किसी से ना हुआ
वो शायद उसकी जुल्फें कर गई...

मेरा तो वहां दिल से रोना हो गया
गूंगों जैसा जिस्म मौन हो गया
मैं फोटो उसके साथ लेने ही लगी
की बंद मेरा फ़ोन हो गया ...

वैसे तो दिल में छप गयी है
फोटो की जरूरत नहीं
चार दिन में भूल जाऊँ
ऐसी उसकी सूरत नहीं...

फिर मुझे एक ख्याल आया
मन में मेरे एक सवाल आया...

की खुदा ऐसे भी कर सकता था
जैसे मस्जिद किसी पीर को पाती
कितना अच्छा होता अगर
आँखें तस्वीर खींच जाती...

फिर ऐसी कमाल चीज़ हुई
जो कभी मेरे साथ ना हुई
उसे आ ही गयी नींद पर
सिरहाना था न कोई...

फूलों की एक टोकरी फिर
टकराई मेरी बाँह से
वो 1 घंटा सोती रही
मेरी सीधी बाँह पे...

अब बाँह मेरी को धोऊँगी नहीं मैं
चाहे बीते 50 दीवाली
एक मिली मुझे अप्सरा
कानों में जिसके थी बाली...


चाहे किसी ने देख ली दुनियाँ
या ख़ुदा देखा है
जिसने तुम्हें नहीं देखा
फिर क्या देखा है...

गलत हुआ यक़ीन के
इक़रार नहीं होता
मुझे लगता था
पहली नज़र में प्यार नहीं होता...

फिर आ गयी उसकी ट्रैन हाय
सीने मेरे में हुआ दर्द हाय
वो जब गले लग जाने लगी
उसकी चैन में फस गई मेरी चैन हाय...


अब की कोशिश उल्झन सुलझाने की
पर मैं अचानक खड़ी हुई
और दिल के लॉकेट वाली चैन बीचों बीच से टूट गई...


लूट गया सब कुछ मेरा
जो था मेरे पास
मैं सब से अमीर थी
जब वो थी मेरे पास...

ना उसका पता
ना नंबर देके चली
मैनें खुद दिल को दी झूठी तसल्ली...

की कहीं न मिलकर
कहीं तो मिलेंगे
एक दूसरे से मर मिलेंगे...


मैंने कह के दिल को समझा लिया
इन्शाह अल्लाह फिर मिलेंगे
इन्शाह अल्लाह फिर मिलेंगे...


उसके चारों और घूम संसार मेरा गया
मेरा दिल ऐसा उसमे ग़ुम गया
उसने सर आगे तो किया पर मुझसे वो माथा चूमा न गया...


हमने कहा अगर
कोई इशारा लगता है
प्यार मुझे होगा
अब दोबारा लगता है...

प्यार मुझे होगा
अब दोबारा लगता है...!!!

Beautifully written ❤️

The journey from a single glance to a lifetime of memories felt so vivid and heartfelt, it's about that one unforgettable person who can change your heart in a single meeting.

 
haanji Bilkul apki diary aapko mil jaayegi.... cutebubble ki shipping mai der hai par andher nhi.. jald ship kr dungi :fingercross: :fingercross:
100% trust you . Jitna der hoga , pta hai jyada hi fayda hoga. Ho sakta hai shipping wale pe bharos chor ke aap khud hand to hand dene aa jao. Excitedly awaiting to see Apsara with open eyes . :smoking:
 
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