clash
Wellknown Ace
प्रकृति कभी पक्ष नहीं लेती
प्रकृति में न अच्छा है, न बुरा। बारिश अमीर-गरीब, दोनों के घर बरसती है। आग मासूम और गुनहगार, दोनों को एक-सी जलाती है।
भूकंप यह नही देखता कि घर किसका है। बीमारी यह नही पूछती कि तुमने कितने अच्छे
कर्म किए हैं।
प्रकृति न दयालु है, न क्रूर... वह सिर्फ़ निष्पक्ष है। न्याय की कल्पना इंसान ने बनाई है, प्रकृति ने नहीं।
प्रकृति में न अच्छा है, न बुरा। बारिश अमीर-गरीब, दोनों के घर बरसती है। आग मासूम और गुनहगार, दोनों को एक-सी जलाती है।
भूकंप यह नही देखता कि घर किसका है। बीमारी यह नही पूछती कि तुमने कितने अच्छे
कर्म किए हैं।
प्रकृति न दयालु है, न क्रूर... वह सिर्फ़ निष्पक्ष है। न्याय की कल्पना इंसान ने बनाई है, प्रकृति ने नहीं।
