पास ना होकर ही तुम अपना अहसास दिलाते हो,
अपनी तस्वीर से ही तुम हमें तड़पाते
बताओ मेरे बाद तुम फिर किसे सताओगे ,
तस्वीर दिखा ग़ैर की फिर किसे जलाओगे,
बांटने दर्द-ओ-ग़म मेरे बाद कौन आयेगा,
क्या किसी ग़ैर पर तू यकीन कर पायेगा,
रात की तन्हाई में फिर तुम्हें याद आऊँगा,
फिर भी तुम कहो तो तुमको मैं छोड़ चला जाऊँगा।
