. ना झगड़ा ही हुआ कोई
ना नाराजगी ही जताई गई
ना बहस हुई किसी बात पे
ना गलती कोई बताई गई
कोई रंजिश भी दिल में नहीं
ना ही गलतफहमियां
बस कुछ अटक के रह गया हम दोनों के दरमियाँ
एक बार उलझ ही लेते किसी बात पर
और कह देते कि वो उलझन नहीं हल हुई
पर हम तो दोनों में ही हार गए दोस्त
ना मोहब्बत मुकम्मल हुई
ना नफरत मुकम्मल हुई
ना नाराजगी ही जताई गई
ना बहस हुई किसी बात पे
ना गलती कोई बताई गई
कोई रंजिश भी दिल में नहीं
ना ही गलतफहमियां
बस कुछ अटक के रह गया हम दोनों के दरमियाँ
एक बार उलझ ही लेते किसी बात पर
और कह देते कि वो उलझन नहीं हल हुई
पर हम तो दोनों में ही हार गए दोस्त
ना मोहब्बत मुकम्मल हुई
ना नफरत मुकम्मल हुई