बूंदों की नटखट सी सरगम,
लाया सावन थोड़ा सा मद्धम।
तपती धरती को मिली राहत,
भीगी हवा में घुली रंगत।
पेड़ों ने भी ली अंगड़ाई,
हरी-भरी सी चादर छाई।
कागज़ की एक नाव चलाएँ,
चलो, बारिश में ज़रा मुस्कु
राएँ!
लाया सावन थोड़ा सा मद्धम।
तपती धरती को मिली राहत,
भीगी हवा में घुली रंगत।
पेड़ों ने भी ली अंगड़ाई,
हरी-भरी सी चादर छाई।
कागज़ की एक नाव चलाएँ,
चलो, बारिश में ज़रा मुस्कु
राएँ!
