Siddharth1990
Wellknown Ace
" तुम मिले या ना मिले , ये तो मुकद्दर की बात है ,
पर बहुत सुकून मिलता है , तुम्हें अपना सोच कर। "
तुम्हें सोचना भी :- एक मुकम्मल अहसास है , ऐसा लगता है जैसे तुम पास हो।
सुकून की बात :- जब भी तुम्हारा ख्याल आता है , चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान आ जाती है
मुकद्दर और चाहत (Destiny & Desire) 
" लकीरों में तुम हो या नहीं ये तो खुदा जाने ,
पर खुदा से तुम्हें मांगना मेरी आदत बन गई है। "
" दूरियों से कोई फर्क नहीं पड़ता साहिब ,
बात तो दिलों की नजदीकियों की होती है ,
तुम आज भी मेरे ख्यालों में सबसे पास हो। "

पर बहुत सुकून मिलता है , तुम्हें अपना सोच कर। "

तुम्हें सोचना भी :- एक मुकम्मल अहसास है , ऐसा लगता है जैसे तुम पास हो।
सुकून की बात :- जब भी तुम्हारा ख्याल आता है , चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान आ जाती है
" लकीरों में तुम हो या नहीं ये तो खुदा जाने ,
पर खुदा से तुम्हें मांगना मेरी आदत बन गई है। "
" दूरियों से कोई फर्क नहीं पड़ता साहिब ,
बात तो दिलों की नजदीकियों की होती है ,
तुम आज भी मेरे ख्यालों में सबसे पास हो। "













itna accurate kaise ho gya 





