Kartik227
Epic Legend
तेरी बातों में
हर बार आ जाता हूँ तेरी बातों में,
ये ठीक नहीं हो रहा मेरे साथों में।
खुद से छुपाता हूँ जो दिल में दबा है,
तेरा नाम ही क्यों हर ख़याल में बसा है?
किसी और का गुलाब न लेती, तो बताता,
मैं क्या छुपा रहा हूँ अपने हाथ में, दिखाता।
शायद फूल नहीं, एक एहसास था,
जो कह नहीं पाया, बस मेरे पास था।
तेरे सामने आते ही ख़ामोश हो जाता हूँ,
जो कहना हो, वो दिल में ही दबाता हूँ।
तू पूछे तो हँसकर बात बदल देता हूँ,
और अकेले में तेरा ही नाम लेता हूँ।
कहना बहुत कुछ है, मगर डरता हूँ,
कहीं खो न दूँ तुझे, इसलिए ठहरता हूँ।
मेरे हाथ का गुलाब सिर्फ़ गुलाब नहीं—
उसमें छुपा एक दिल है, जो तेरा ही सही।
— Written by Jarvis
