बहुत खूब...तलबगार ही रह गया खाली हाथ,
कमबख़्त मोहब्बत भी
उसी से रूठ गई
जिसने उसे दिल से चाहा।
बिल्कुल सही कहा…
सबका मनचाहा किस्मत हो अपनाबिल्कुल सही कहा…
तलबगार तो बहुत होते हैं,
मगर क़िस्मत में लिखी मोहब्बत
हर किसी को नसीब नहीं होती
Us bruhh usसबका मनचाहा किस्मत हो अपना
ऐसे सब खुशनसीब भी तो नहीं...

Don't be sad...Us bruhh us![]()