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2 Liners..

CHARLIE_

GHOST OF ZOZO
Senior's
Chat Pro User
~ और अकड़ क्यों न हो मुझमें,
मैं टूटने की हद तक गया हूं।। ❤️


सवाल अहंकार का नहीं इज्जत का रखो..
कोई अगर लहजा बदले, तो तुम रास्ता ही बदल लो..!!✨


न रुकी वक़्त की गर्दिश, न ज़माना बदला,

पेड़ सूखा, तो परिंदों ने भी अपना ठिकाना बदला.. :)​
 
~ और अकड़ क्यों न हो मुझमें,
मैं टूटने की हद तक गया हूं।। ❤️


सवाल अहंकार का नहीं इज्जत का रखो..
कोई अगर लहजा बदले, तो तुम रास्ता ही बदल लो..!!✨


न रुकी वक़्त की गर्दिश, न ज़माना बदला,

पेड़ सूखा, तो परिंदों ने भी अपना ठिकाना बदला.. :)​
That man, while breaking down, has found himself today, his backbone will remain straight. This is not arrogance, this is pride in rising from the ashes. Amazing
Awesome Intelligence™​
 
~ और अकड़ क्यों न हो मुझमें,
मैं टूटने की हद तक गया हूं।। ❤️


सवाल अहंकार का नहीं इज्जत का रखो..
कोई अगर लहजा बदले, तो तुम रास्ता ही बदल लो..!!✨


न रुकी वक़्त की गर्दिश, न ज़माना बदला,

पेड़ सूखा, तो परिंदों ने भी अपना ठिकाना बदला.. :)​
Waah shayar _ kya baat hai ✨
 
~ और अकड़ क्यों न हो मुझमें,
मैं टूटने की हद तक गया हूं।। ❤️


सवाल अहंकार का नहीं इज्जत का रखो..
कोई अगर लहजा बदले, तो तुम रास्ता ही बदल लो..!!✨


न रुकी वक़्त की गर्दिश, न ज़माना बदला,

पेड़ सूखा, तो परिंदों ने भी अपना ठिकाना बदला.. :)​
Wahh chotee :clapping:
 
~ और अकड़ क्यों न हो मुझमें,
मैं टूटने की हद तक गया हूं।। ❤️


सवाल अहंकार का नहीं इज्जत का रखो..
कोई अगर लहजा बदले, तो तुम रास्ता ही बदल लो..!!✨


न रुकी वक़्त की गर्दिश, न ज़माना बदला,

पेड़ सूखा, तो परिंदों ने भी अपना ठिकाना बदला.. :)​
Bahit achaaa..✨❤
 
~ और अकड़ क्यों न हो मुझमें,
मैं टूटने की हद तक गया हूं।। ❤️


सवाल अहंकार का नहीं इज्जत का रखो..
कोई अगर लहजा बदले, तो तुम रास्ता ही बदल लो..!!✨


न रुकी वक़्त की गर्दिश, न ज़माना बदला,

पेड़ सूखा, तो परिंदों ने भी अपना ठिकाना बदला.. :)​
Nicee❤️
 
~ और अकड़ क्यों न हो मुझमें,
मैं टूटने की हद तक गया हूं।। ❤️


सवाल अहंकार का नहीं इज्जत का रखो..
कोई अगर लहजा बदले, तो तुम रास्ता ही बदल लो..!!✨


न रुकी वक़्त की गर्दिश, न ज़माना बदला,

पेड़ सूखा, तो परिंदों ने भी अपना ठिकाना बदला.. :)​
✨✨
 
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