रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी ।।
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी ।।


Absolutely right sweetheart
Absolutely right sweetheart

रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी ।।![]()
रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी ।।![]()
कोई मंज़िल के क़रीब आ के भटक जाता हैरोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी ।।![]()
साहब! हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था, मेरी कश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था...नींद में भी गिरते है मेरी आंखों से आंसु...
तुम ख्वाब में भी मेरा हाथ छोड़ देते हो...!