oho nice dearMujhrim karar kadiya gaya tha sab milke
Aajadi ki duhai maag rahi thi aur
Kaid kar k rakha tha usne apni dill pe
इश्क करना अब खता हो गया हैकिसकी तलवार पर सर रखूं ये बता दो मुझे,
इश्क करना खता है, तो सजा दो मुझे-
oho bhai whaaइश्क करना अब खता हो गया है
तलवार भी लटकी है और सिर भी झुका है।
जो ये परिस्थिति होती अगरUdhar talwar pe sar jhuki tha
Idhar sase uska bhi ruki tha
खामोशी के शोर को समझना कहां आसान होता हैKhamosi ki sor kaas samajh paata
Talwar ki dhar bhi kaam na aata
Taa umraki jiske saath rehne ki sochi thi
Najaane kaise usi se hogaya ham juda![]()
इश्क तो अथाह प्रेम का सूचक हैजहाँ है इश्क, वहाँ डर का नाम भी नहीं,
इश्क शब्दों से परे, डर बस एक शब्द ही सही।
Nehi dungiकिसकी तलवार पर सर रखूं ये बता दो मुझे,
इश्क करना खता है, तो सजा दो मुझे-
इश्क शब्दों से परे, जहाँ शब्द हैं वहाँ डर की धूम,इश्क तो अथाह प्रेम का सूचक है
डर होना भी तो लाजिमी ही है,
बीच में गलतफहमी ना आए डर इसका है
मतलब ये नहीं की इश्क में कोई कमी है।
इश्क है तो बातें भी होंगीइश्क शब्दों से परे, जहाँ शब्द हैं वहाँ डर की धूम,
गलतफहमियां और डर ज्ञान की देन, असली प्रेम है मौन, बस साक्षी की अचूम।
Udhar talwar pe sar jhuki thi
Idhar sase uska bhi rukisahi hai
ha bhai zaroorजो ये परिस्थिति होती अगर
तो ना इश्क करना खता होता
ना कोई बेवफा होता और
तलवार की जगह फूलों का हार होता..
wohooजहाँ है इश्क, वहाँ डर का नाम भी नहीं,
इश्क शब्दों से परे, डर बस एक शब्द ही सही।
de do sazaa hameNehi dungi
ye kuch galat wali hi de di me talvaaar wali sazaa ki baat kar raha tha