नफरत के लिए समय ही कहां दोस्तनफरत करोगे तो अधूरा किस्सा हूं मैं,
अगर मोहब्बत करोगे तो तुम्हारा ही हिस्सा हूं मैं।
वक्त रहते प्यार को समय देना सिखोनफरत के लिए समय ही कहां दोस्त
प्यार करने के लिए भी समय कम है।
गम की बारिश ने भी तेरे नक्श को धोया नहींBahut khub
Nafrat se pare he ham
Pyar se dare dare se he ham
Na hisso me he na kisso me he ham
Ham to bas apni lakiro me he ham
जरूर।वक्त रहते प्यार को समय देना सिखो
वरना पछताओगे जब खामोशी
के सिवा कुछ हाथ नहीं आएगा दोस्त,,,

जरूर।
हम हमेशा याद रखेंगे इस बात को।
ज़रूर दोस्त
Bohot khub...तुझे तो मोहब्बत भी तेरी औकात से ज्यादा की थी,
अब तो बात नफरत की है, सोच तेरा क्या होगा….....!!!
उस शख़्स के ग़म का कोई अंदाज़ा लगाए,Na Kabhi paane ki chahat thi na khone ki
Me to khud me thi na chaht thi kisi ki hone ki
Patthar sa to hogaya he wo e-galib
Tabi to use sunai nai deti aawaje rone ki
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आंखों के सवाल में ज़िंदा, मैं भी हूं और तू भी हैNajar andaje BHI Kamal Karti he
Jan Bude aakho me chupa ke rakha hai
Wahi Budhe in aakho se sawal Karti hai
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लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ सेनफरत करोगे तो अधूरा किस्सा हूं मैं,
अगर मोहब्बत करोगे तो तुम्हारा ही हिस्सा हूं मैं।
दिल का ये हाल कि धड़के ही चला जाता हैलोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से
तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से
Tujhse yahi ummid haiNai dhadkd ga to ho Jayega ram nam satyA![]()
Sanso ka chalna dil ka machlna uski inayat haiUmmid nai Bata Rahi hu dhadkan ka ban hona Matlab ram Naam satyA hi he nai to pucho Dr ko