धड़कन बनकर सीने में धड़कोगी क्या,
यादों में खुशबू बनकर महकोगी क्या,
चाँदनी सा नूर ले आऊँगा तेरे लिए,
मेरी अंधेरी रातों में चमकोगी क्या?
ख्वाबों की तरह पलकों पर ठहरोगी क्या,
मेरी खामोश बातों को समझोगी क्या,
ज़माने की इस भीड़ में खो न जाना कहीं,
सिर्फ मेरा हाथ थाम कर चलोगी क्या?
इश्क के रंग में खुद को रंगोगी क्या,
मेरे दिल के हर कोने में रहोगी क्या,
पूरी दुनिया को आज मैं गवाह मानता हूँ,
हमेशा के लिए तुम मेरी बनोगी क्या?
यादों में खुशबू बनकर महकोगी क्या,
चाँदनी सा नूर ले आऊँगा तेरे लिए,
मेरी अंधेरी रातों में चमकोगी क्या?
ख्वाबों की तरह पलकों पर ठहरोगी क्या,
मेरी खामोश बातों को समझोगी क्या,
ज़माने की इस भीड़ में खो न जाना कहीं,
सिर्फ मेरा हाथ थाम कर चलोगी क्या?
इश्क के रंग में खुद को रंगोगी क्या,
मेरे दिल के हर कोने में रहोगी क्या,
पूरी दुनिया को आज मैं गवाह मानता हूँ,
हमेशा के लिए तुम मेरी बनोगी क्या?

aati sundar bhou bibhor
( pata nahi kya likhi par likhdi 

