Kartik227
Newbie
मोहब्बत वो नहीं जो लफ्ज़ों में बयां हो जाए,
मोहब्बत वो है जो खामोशी में भी समझ आ जाए।
दिल में बसी है तेरी तस्वीर कुछ इस तरह,
जैसे चाँद में बसती है चाँदनी हर पहर।
तेरे बिना अधूरी सी लगती है हर खुशी,
जैसे धड़कन के बिना अधूरी हो ज़िंदगी।
तुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म मेरी बात,
तू ही दिन मेरा, तू ही मेरी हर एक रात।
नज़रें मिली तो दिल ने ये इकरार कर लिया,
तुझसे ही जीना है, ये फैसला कर लिया।
मोहब्बत वो है जो खामोशी में भी समझ आ जाए।
दिल में बसी है तेरी तस्वीर कुछ इस तरह,
जैसे चाँद में बसती है चाँदनी हर पहर।
तेरे बिना अधूरी सी लगती है हर खुशी,
जैसे धड़कन के बिना अधूरी हो ज़िंदगी।
तुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म मेरी बात,
तू ही दिन मेरा, तू ही मेरी हर एक रात।
नज़रें मिली तो दिल ने ये इकरार कर लिया,
तुझसे ही जीना है, ये फैसला कर लिया।
