• We kindly request chatzozo forum members to follow forum rules to avoid getting a temporary suspension. Do not use non-English languages in the International Sex Chat Discussion section. This section is mainly created for everyone who uses English as their communication language.

प्रेम

  • Thread starter Rockzz✨❤️श्वेतराग❤️
  • Start date
R

Rockzz✨❤️श्वेतराग❤️

Guest
#प्रेम_को
पेपर नॅपकिन मत समझो
काम में लिया, कूड़ेदान में फेक दिया।

प्रेम को जेवर भी मत समझो
दिखाने को पहना, अलमारी के लॉकर में बंद कर दिया। आवश्यकता पडी तो, याद कर लिया नहीं तो दिमाग के किसी कोने में बंद कर दिया।

प्रेम को जूता भी मत समझो
कई दिन नहीं पहनो तो गंदा ही पड़े रहने दो पहनना हो तो पॉलिश लगा कर चमका दिया।
काम नहीं आये तो भी चमका कर रखो।।

प्रेम को सेफ्टी पिन जैसा भी मत समझो वैसे कद्र नहीं करो कपड़ा फट जाए तो ढूंढते रहो।

प्रेम को नाखून भी ना समझो
थोड़े खराब लगने लगें तो काट कर फेक दिया।।

प्रेम को गलिच्छ भी ना समझो
शक वहम घृणा का लेप लगाकर उसमें गंदगी देखो।।

#__प्रेम_को
ईश्वर का प्रसाद समझो
आपके जीवन में है तो उसे ईश्वरीय वरदान समझो।

हीरे की कीमती अंगूठी समझो
गंदी हो जाए तो साफ़ कर के फ़ौरन पहन लो।

दैवीय शक्ति सा अमृत समझो,
कडवाहट से गंदे होने लगे तुरंत साफ़ करो।

अपने बालों सा नर्म मुलायम समझो
बार बार संवारते रहो।

खुद के चेहरा सा पाक साफ़ समझो
चांद सा खूबसूरत बना कर रखो।

खुद के दिल को मंदिर सा पवित्र समझो
धड़कनों को प्रेम की इबादत समझो।

प्रेम को प्रीति का साज सिंगार समझो
प्रेम की धून पर प्रीति का जाप समझो।

अठखेलियां करती शब्दों की माला समझो
हर शब्द में प्रीति सा प्रेम देखो।

प्रेम से मजबूत गठबंधन के लिए
मजबूती का क्रीम, विश्वास का पाऊडर लगाओ।
अच्छे व्यवहार से उनका मेकअप करो,
प्रीति को निस्वार्थ भाव से अंतरमन से
और सुन्दर बनाओ।
FB_IMG_1709958594807.jpg
 
#प्रेम_को
पेपर नॅपकिन मत समझो
काम में लिया, कूड़ेदान में फेक दिया।

प्रेम को जेवर भी मत समझो
दिखाने को पहना, अलमारी के लॉकर में बंद कर दिया। आवश्यकता पडी तो, याद कर लिया नहीं तो दिमाग के किसी कोने में बंद कर दिया।

प्रेम को जूता भी मत समझो
कई दिन नहीं पहनो तो गंदा ही पड़े रहने दो पहनना हो तो पॉलिश लगा कर चमका दिया।
काम नहीं आये तो भी चमका कर रखो।।

प्रेम को सेफ्टी पिन जैसा भी मत समझो वैसे कद्र नहीं करो कपड़ा फट जाए तो ढूंढते रहो।

प्रेम को नाखून भी ना समझो
थोड़े खराब लगने लगें तो काट कर फेक दिया।।

प्रेम को गलिच्छ भी ना समझो
शक वहम घृणा का लेप लगाकर उसमें गंदगी देखो।।

#__प्रेम_को
ईश्वर का प्रसाद समझो
आपके जीवन में है तो उसे ईश्वरीय वरदान समझो।

हीरे की कीमती अंगूठी समझो
गंदी हो जाए तो साफ़ कर के फ़ौरन पहन लो।

दैवीय शक्ति सा अमृत समझो,
कडवाहट से गंदे होने लगे तुरंत साफ़ करो।

अपने बालों सा नर्म मुलायम समझो
बार बार संवारते रहो।

खुद के चेहरा सा पाक साफ़ समझो
चांद सा खूबसूरत बना कर रखो।

खुद के दिल को मंदिर सा पवित्र समझो
धड़कनों को प्रेम की इबादत समझो।

प्रेम को प्रीति का साज सिंगार समझो
प्रेम की धून पर प्रीति का जाप समझो।

अठखेलियां करती शब्दों की माला समझो
हर शब्द में प्रीति सा प्रेम देखो।

प्रेम से मजबूत गठबंधन के लिए
मजबूती का क्रीम, विश्वास का पाऊडर लगाओ।
अच्छे व्यवहार से उनका मेकअप करो,
प्रीति को निस्वार्थ भाव से अंतरमन से
और सुन्दर बनाओ।
View attachment 213407
Photo ek no hai ...
 
Location bahut badhiya hai..
Ekant hai, yaha koi aata jata nahi :Cwl:
 
#प्रेम_को
पेपर नॅपकिन मत समझो
काम में लिया, कूड़ेदान में फेक दिया।

प्रेम को जेवर भी मत समझो
दिखाने को पहना, अलमारी के लॉकर में बंद कर दिया। आवश्यकता पडी तो, याद कर लिया नहीं तो दिमाग के किसी कोने में बंद कर दिया।

प्रेम को जूता भी मत समझो
कई दिन नहीं पहनो तो गंदा ही पड़े रहने दो पहनना हो तो पॉलिश लगा कर चमका दिया।
काम नहीं आये तो भी चमका कर रखो।।

प्रेम को सेफ्टी पिन जैसा भी मत समझो वैसे कद्र नहीं करो कपड़ा फट जाए तो ढूंढते रहो।

प्रेम को नाखून भी ना समझो
थोड़े खराब लगने लगें तो काट कर फेक दिया।।

प्रेम को गलिच्छ भी ना समझो
शक वहम घृणा का लेप लगाकर उसमें गंदगी देखो।।

#__प्रेम_को
ईश्वर का प्रसाद समझो
आपके जीवन में है तो उसे ईश्वरीय वरदान समझो।

हीरे की कीमती अंगूठी समझो
गंदी हो जाए तो साफ़ कर के फ़ौरन पहन लो।

दैवीय शक्ति सा अमृत समझो,
कडवाहट से गंदे होने लगे तुरंत साफ़ करो।

अपने बालों सा नर्म मुलायम समझो
बार बार संवारते रहो।

खुद के चेहरा सा पाक साफ़ समझो
चांद सा खूबसूरत बना कर रखो।

खुद के दिल को मंदिर सा पवित्र समझो
धड़कनों को प्रेम की इबादत समझो।

प्रेम को प्रीति का साज सिंगार समझो
प्रेम की धून पर प्रीति का जाप समझो।

अठखेलियां करती शब्दों की माला समझो
हर शब्द में प्रीति सा प्रेम देखो।

प्रेम से मजबूत गठबंधन के लिए
मजबूती का क्रीम, विश्वास का पाऊडर लगाओ।
अच्छे व्यवहार से उनका मेकअप करो,
प्रीति को निस्वार्थ भाव से अंतरमन से
और सुन्दर बनाओ।
View attachment 213407
Nice
 
Bahut khub ,
Dill ki aawaj he prem
Dhadkono ki ehsas he prem
Prem ki gahnese sawar k dekhna
Jiwan k ahumulua dhaar he prem
Sache aasiqView attachment 213568 BHI yahi kehte he ki
Radha aur Krishna Ka Naam he prem
Jiske naam me ho Prem
Har awaz me hain Prem
Har saans me hai Prem
Use kaun bta sakta hai
Ki kya hai Prem....
 
Prem to basuri k dhun me BHI Mila tha
Un k har goon me BHI Mila tha
Hona BHI prem pake khona BHI prem
Hasna aur Rona BHI prem
Hehehehehe
Dil ki dhadkan jo bdha de wo hai Prem
Gale milte hi sukoon dila de wo hai Prem
Jiske Bina rha n jaye, jiske siwa kuch socha n jaye, jisko dekhte hi muskaan aaye
Wo hai prem
 
Aadat BHI ho sakti he , aadate aur prem ekdam close Hoti he filter Karna aur pata lagana Kya he
Hehehehehe
Aadat agr BDL jaye wo Prem nhi
Chhalawa hai,
Sote hue bhi ek taswir jiki ubhre
Wo hai Prem
Kuch likhte ya krte hue bhi jiki yaad sath ho
Wo hai Prem
 
Aadat he ya nai jarur jachlena
Ishq he to ye ehsas bhi baatlena
Dilwalo ki bajar lagi he e- egaaib
Karib se dekh k hi dill ko satlena
Hehehehehe
तेरा प्रेम मेरी सांसो का चलना
मेरे इस दिल की धड़कन का धड़कना
बस यूँ ही रहना संग मेरे ताउम्र
बदले ज़माना पर तुम ना बदलना
 
#प्रेम करते समय
आपके #ह्रदय में
प्रेम के ही शब्द होते हैं।
उन्हीं शब्दों और उनसे निकले
#प्रेम_भाव को आप
अपने साथी से ही नहीं,
सारे #ब्रह्मांड के साथ बांटते हैं।
प्रेम करते समय
दोनों के ह्रदय में एक ही नाद गूंजता है।
तब दोनों ह्रदय मिलकर विराट में
उस प्रेम की गूँज पैदा करते हैं।
प्रेमत्व आपके
#रोम_रोम से प्रकट होने लगता है।
ऐसी स्थिति में अगर आपके ह्रदय के तार
अपने साथी के ह्रदय से जुड़ जाएँ तभी
यह वास्तविक #निर्मल_निस्वार्थ_प्रेम कहलाता है।
FB_IMG_1710045774936.jpg
 
तर्क नहीं है मेरे पास
………….. प्रेम का ,
बस!, प्रेम है तुमसे ,
तर्क रहित …. प्रेम ❤️
तर्क पाखंड भी हो सकता है
मगर
प्रेम कभी पाखंड नहीं होता ।
न ही प्रेम कभी अंधा होता है।
अंधा तो हमारा मन होता है
हमारे तर्क होते हैं।
प्रेम में कभी कोई पागल नहीं हुआ
न ही कोई विक्षिप्तता हुआ,,
विक्षिप्तता तो मन हुआ
जो स्वीकार नहीं पाया…
यह कि ,,
प्रेम बाहर नहीं
अंदर है, मन के भीतर है ,
बाहर तो सिर्फ़ तर्क है ।।
FB_IMG_1710046096349.jpg​
 
प्रेम सदा से ही सरल था,
करने वाले इसे समझ न सके..
उनकी क्षमता से बाहर था,
इसलिये जटिल कह दिया..
प्रेम तो सरल है इतना,
जितना उसका अस्तित्व..
तभी तो यह जब हो जाये तो,
बस हो जाता है..
असत्य तो यह हो ही नहीं सकता,
व्यर्थ ही दावा होता है सत्य का..
जिस भाव पर जग निर्भर..
वह हो भला कैसे दुभर..?

इसलिये कहते हैं-
जब वह था तब सिर्फ वही था,

और अब भी वही है जब वह नहीं है...
FB_IMG_1711174477733.jpg
 
प्रेम सदा से ही सरल था,
करने वाले इसे समझ न सके..
उनकी क्षमता से बाहर था,
इसलिये जटिल कह दिया..
प्रेम तो सरल है इतना,
जितना उसका अस्तित्व..
तभी तो यह जब हो जाये तो,
बस हो जाता है..
असत्य तो यह हो ही नहीं सकता,
व्यर्थ ही दावा होता है सत्य का..
जिस भाव पर जग निर्भर..
वह हो भला कैसे दुभर..?

इसलिये कहते हैं-
जब वह था तब सिर्फ वही था,

और अब भी वही है जब वह नहीं है...
View attachment 218297
133416ac39b47f04470f8063bdf65803_default.jpg
 
Top