maturemumbaikar
Wellknown Ace
ज़िंदगी कोई सीधी राह नहीं होती,
ये तो मोड़ों से भरी एक कहानी होती।
कभी धूप बनकर हमें परखती है,
कभी छाँव बनकर मेहरबानी होती।
हम समझते हैं हम ही चला रहे हैं इसे,
पर असल में ये अपनी रवानी होती।
जो गिरकर भी मुस्कुरा दे हर बार,
शायद उसी की असली ज़िंदगानी होती।
ये तो मोड़ों से भरी एक कहानी होती।
कभी धूप बनकर हमें परखती है,
कभी छाँव बनकर मेहरबानी होती।
हम समझते हैं हम ही चला रहे हैं इसे,
पर असल में ये अपनी रवानी होती।
जो गिरकर भी मुस्कुरा दे हर बार,
शायद उसी की असली ज़िंदगानी होती।
