maturemumbaikar
Wellknown Ace
क्यों दिल की बात सुनूँ, क्यों ये जज़्बात समझूँ,हर एहसास में अब बस, खामोशी का साथ रखूँ।
ज़िन्दगी ने सिखाया है, सच कभी मीठा नहीं होता,
तो क्यों ना हर दर्द को, मैं अपनी सौगात रखूँ।
कभी चाहत ने रुलाया, कभी तन्हाई ने समझाया,
हर लम्हा एक सबक बन गया, हर ग़म ने कुछ सिखाया।
अब तो दिल भी कहता है, सुकून मिल जाए अगर,
तो मोहब्बत नहीं, बस फ़ना बन जाना भाया।