maturemumbaikar
Wellknown Ace
कसक सी क्यों है सीने में, ये दिल नहीं समझता,
हर ख़ामोशी में तेरा ही नाम क्यों उभरता।
ना कोई ज़ख़्म दिखता है, ना दर्द की वजह,
फिर भी हर धड़कन पूछे—बिन तेरे क्यों ये दिल धड़कता।
हर ख़ामोशी में तेरा ही नाम क्यों उभरता।
ना कोई ज़ख़्म दिखता है, ना दर्द की वजह,
फिर भी हर धड़कन पूछे—बिन तेरे क्यों ये दिल धड़कता।