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इज़्ज़तदार धंधेबाज़

Satya

Epic Legend
Senior's
Chat Pro User
सुबह सफ़ारी सूट पहनकर, "संस्कार" पर भाषण देते हैं,
शाम को "नेटवर्किंग डिनर" में, पूरा मेन्यू सेलेक्ट कर लेते हैं।
LinkedIn पर "वैल्यूज़" लिखते, इनबॉक्स में "हाय डियर",
फ़र्क़ बस प्रोफ़ाइल फ़ोटो का है, नीयत वही पुरानी, क्लियर!



"मैं तो फ़ैमिली मैन हूँ" का, स्टेटस रोज़ लगाते हैं,
और होटल की लॉबी में, "मीटिंग है" कहकर जाते हैं।
बीवी पूछे "कहाँ थे?", तो जवाब तैयार रहता है,
"बिज़नेस ट्रिप थी जानू", और GPS चुप रहता है।


गली वाली को "बदचलन" कहकर, जो सबसे ज़ोर से चिल्लाता है,
वही मंगल की रात को, चुपके से उसके दर पर पाया जाता है।
रेट कार्ड पे उसके साफ़ लिखा, तेरा रेट "प्रमोशन" और "सिफ़ारिश",
पर भाई, डिस्काउंट माँगते वक़्त, कहाँ गई तेरी वो नुमाइश?


"मैं नहीं हूँ ऐसा" का, कितना भी नारा लगा ले तू,
सीक्रेट फ़ोल्डर, सेकंड सिम, कब तक छुपा ले तू?
गूगल पे सब सेव है, डिलीट का भी हिसाब है,
तेरी "इज़्ज़त" की ये दुकान, असल में खुली किताब है।


दुनिया की नज़र से बच गया, तू सबसे बड़ा खिलाड़ी है,
पर आईना रोज़ सुबह पूछता है, "भाई, ये कौन सी तैयारी है?"
सबको "नो कमेंट्स" बोल दिया, ख़ुद को कैसे चुप कराएगा?
वो जो भीतर बैठा जज है, हर रात फ़ैसला सुनाएगा।
ज़रा सोच, जिस दिन ख़ुद से आँख मिलाने की नौबत आएगी,
उस दिन तेरी ये "इज़्ज़त" भी, तुझे पहचानने से शरमाएगी!
 
सुबह सफ़ारी सूट पहनकर, "संस्कार" पर भाषण देते हैं,
शाम को "नेटवर्किंग डिनर" में, पूरा मेन्यू सेलेक्ट कर लेते हैं।
LinkedIn पर "वैल्यूज़" लिखते, इनबॉक्स में "हाय डियर",
फ़र्क़ बस प्रोफ़ाइल फ़ोटो का है, नीयत वही पुरानी, क्लियर!



"मैं तो फ़ैमिली मैन हूँ" का, स्टेटस रोज़ लगाते हैं,
और होटल की लॉबी में, "मीटिंग है" कहकर जाते हैं।
बीवी पूछे "कहाँ थे?", तो जवाब तैयार रहता है,
"बिज़नेस ट्रिप थी जानू", और GPS चुप रहता है।


गली वाली को "बदचलन" कहकर, जो सबसे ज़ोर से चिल्लाता है,
वही मंगल की रात को, चुपके से उसके दर पर पाया जाता है।
रेट कार्ड पे उसके साफ़ लिखा, तेरा रेट "प्रमोशन" और "सिफ़ारिश",
पर भाई, डिस्काउंट माँगते वक़्त, कहाँ गई तेरी वो नुमाइश?


"मैं नहीं हूँ ऐसा" का, कितना भी नारा लगा ले तू,
सीक्रेट फ़ोल्डर, सेकंड सिम, कब तक छुपा ले तू?
गूगल पे सब सेव है, डिलीट का भी हिसाब है,
तेरी "इज़्ज़त" की ये दुकान, असल में खुली किताब है।



दुनिया की नज़र से बच गया, तू सबसे बड़ा खिलाड़ी है,
पर आईना रोज़ सुबह पूछता है, "भाई, ये कौन सी तैयारी है?"
सबको "नो कमेंट्स" बोल दिया, ख़ुद को कैसे चुप कराएगा?
वो जो भीतर बैठा जज है, हर रात फ़ैसला सुनाएगा।
ज़रा सोच, जिस दिन ख़ुद से आँख मिलाने की नौबत आएगी,
उस दिन तेरी ये "इज़्ज़त" भी, तुझे पहचानने से शरमाएगी!
no comments ye ghar ghar ki kahani lagti he , do face ek he jo dikhta nai aur ek wo jo he nai par dikhate he
nice write
ab ye bhi लिख देना प्यार के नाम मे लोग भिडियाे कल मे जो हरकत कर्ते हे और उसी कि वजसे खुद को खतम भी कर्ते, विशेष लड्कियो के लिए ,
आज का प्यार ....
 
no comments ye ghar ghar ki kahani lagti he , do face ek he jo dikhta nai aur ek wo jo he nai par dikhate he
nice write
ab ye bhi लिख देना प्यार के नाम मे लोग भिडियाे कल मे जो हरकत कर्ते हे और उसी कि वजसे खुद को खतम भी कर्ते, विशेष लड्कियो के लिए ,
आज का प्यार ....
आपने बिल्कुल सही पकड़ा: एक चेहरा जो दिखता नहीं, और एक जो है नहीं पर दिखाया जाता है। यही इस कविता की जड़ है। इतने ध्यान से पढ़ने और अपनी बात साझा करने के लिए धन्यवाद।


मेरा मक़सद लड़के या लड़की की बात करना नहीं है। मैं सिर्फ़ झूठ की असलियत दिखाना चाहता हूँ, और झूठ किसी एक लिंग का नहीं होता। जो चीज़ छुपकर की जाए, उसे प्यार कहना ही बेतुका है, क्योंकि प्यार हमेशा पारदर्शी होता है।


झूठ किसी का सगा नहीं होता। जो ख़ुद का भी सगा नहीं, वह किसी और का क्या होगा? झूठ बोलने वाला सबसे पहले ख़ुद से बिछड़ता है।


और जो लड़के या लड़कियाँ अपनी जान खो देते हैं, उनके प्रति मेरी पूरी संवेदना है। दोष उनका नहीं, उस झूठ का है जिसने उन्हें इस हाल तक पहुँचाया। अगर कोई ऐसी हालत में है, तो अपनी बात किसी अपने से ज़रूर कहे।


आपके सुझाव पर "आज के प्यार के नाम पर धंधेबाज़ी" लिखकर जल्दी ही साझा करूँगा।
 
सुबह सफ़ारी सूट पहनकर, "संस्कार" पर भाषण देते हैं,
शाम को "नेटवर्किंग डिनर" में, पूरा मेन्यू सेलेक्ट कर लेते हैं।
LinkedIn पर "वैल्यूज़" लिखते, इनबॉक्स में "हाय डियर",
फ़र्क़ बस प्रोफ़ाइल फ़ोटो का है, नीयत वही पुरानी, क्लियर!



"मैं तो फ़ैमिली मैन हूँ" का, स्टेटस रोज़ लगाते हैं,
और होटल की लॉबी में, "मीटिंग है" कहकर जाते हैं।
बीवी पूछे "कहाँ थे?", तो जवाब तैयार रहता है,
"बिज़नेस ट्रिप थी जानू", और GPS चुप रहता है।


गली वाली को "बदचलन" कहकर, जो सबसे ज़ोर से चिल्लाता है,
वही मंगल की रात को, चुपके से उसके दर पर पाया जाता है।
रेट कार्ड पे उसके साफ़ लिखा, तेरा रेट "प्रमोशन" और "सिफ़ारिश",
पर भाई, डिस्काउंट माँगते वक़्त, कहाँ गई तेरी वो नुमाइश?


"मैं नहीं हूँ ऐसा" का, कितना भी नारा लगा ले तू,
सीक्रेट फ़ोल्डर, सेकंड सिम, कब तक छुपा ले तू?
गूगल पे सब सेव है, डिलीट का भी हिसाब है,
तेरी "इज़्ज़त" की ये दुकान, असल में खुली किताब है।



दुनिया की नज़र से बच गया, तू सबसे बड़ा खिलाड़ी है,
पर आईना रोज़ सुबह पूछता है, "भाई, ये कौन सी तैयारी है?"
सबको "नो कमेंट्स" बोल दिया, ख़ुद को कैसे चुप कराएगा?
वो जो भीतर बैठा जज है, हर रात फ़ैसला सुनाएगा।
ज़रा सोच, जिस दिन ख़ुद से आँख मिलाने की नौबत आएगी,
उस दिन तेरी ये "इज़्ज़त" भी, तुझे पहचानने से शरमाएगी!
बहुत ही बढ़िया तुलनात्मक विवरण है।

पर आज के परिपेक्ष में लोग सच्चाई से ज्यादा दिखावे की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं।
परिणामस्वरूप, अनहोनी होती है।
 
बहुत ही बढ़िया तुलनात्मक विवरण है।

पर आज के परिपेक्ष में लोग सच्चाई से ज्यादा दिखावे की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं।
परिणामस्वरूप, अनहोनी होती है।
धन्यवाद, मित्र। सही कहा: दिखावा शोर करता है, सच चुप रहता है, इसीलिए नज़र पहले शोर पर जाती है। पर झूठ सही समय आने पर गिर ही जाता है, और उस पर तरस की ज़रूरत नहीं, क्योंकि उसका अपना कोई अस्तित्व नहीं। मैं बस यह दिखाना चाहता हूँ कि झूठ की जगह कहाँ है।
 
आपने बिल्कुल सही पकड़ा: एक चेहरा जो दिखता नहीं, और एक जो है नहीं पर दिखाया जाता है। यही इस कविता की जड़ है। इतने ध्यान से पढ़ने और अपनी बात साझा करने के लिए धन्यवाद।


मेरा मक़सद लड़के या लड़की की बात करना नहीं है। मैं सिर्फ़ झूठ की असलियत दिखाना चाहता हूँ, और झूठ किसी एक लिंग का नहीं होता। जो चीज़ छुपकर की जाए, उसे प्यार कहना ही बेतुका है, क्योंकि प्यार हमेशा पारदर्शी होता है।


झूठ किसी का सगा नहीं होता। जो ख़ुद का भी सगा नहीं, वह किसी और का क्या होगा? झूठ बोलने वाला सबसे पहले ख़ुद से बिछड़ता है।


और जो लड़के या लड़कियाँ अपनी जान खो देते हैं, उनके प्रति मेरी पूरी संवेदना है। दोष उनका नहीं, उस झूठ का है जिसने उन्हें इस हाल तक पहुँचाया। अगर कोई ऐसी हालत में है, तो अपनी बात किसी अपने से ज़रूर कहे।


आपके सुझाव पर "आज के प्यार के नाम पर धंधेबाज़ी" लिखकर जल्दी ही साझा करूँगा।
intajar rahegi
 
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