तन्हाइयों में मुस्कुराना इश्क़ है,
एक बात को सब से छुपाना इश्क़ है,
यूँ तो नींद नहीं आती हमें रात भर,
मगर सोते-सोते जागना और,
जागते-जागते सोना ही इश्क़ है
मेरी चाहते तुम से अलग कब है,
दिल की बाते तुमसे छुपी कब है,
तुम साथ रहो दिल में धड़कन की जगह,
फिर ज़िंदगी को सांसो की ज़रूरत कब है
यूं ही...