वक़्त की धारा बहती जाए,
रुकना इसका काम नहीं,
जो इसके संग चलना सीखें,
उनका कोई मुकाम नहीं।
कल की बातें भूल जा तू,
आज में ही जीना सीख,
वक़्त अगर हाथों से निकला,
फिर ना आए लौट के ठीक।
वक़्त कभी हँसना सिखलाए,
वक़्त कभी रुला भी दे,
जो हर हाल में टिक जाए,
वो ही खुद को बना भी ले।
छोटा सा हर एक पल...