हवा सी पतली, दुनिया धूसर दिखती है,
जब से तू चला गया, मेरी राह भटकती है।
हर कोने में तेरी छाया, यादों का निशान,
हँसी की गूंज, प्यार का स्पर्श, सब कुछ बेमान।
सूर्य चमकता है, पर छायाएँ घिरी रहती हैं,
लगातार दर्द, आँसू धीरे-धीरे बहती हैं।
परिचित खुशबू, हवा में बहता संगीत,
सब तेरा नाम लेते हैं...