खुद को बरबाद करना आसान है
बिगड़े को बनाना और मुश्किल है
निभाना तो उससे भी ज्यादा मुश्किल
और अभागा वो जो ये सब करके भी हार जाए।
तुम तो किस्मत वाली निकली...
जो चाहा किया...
जब मन आए लड़ लिया
सोचो उसका क्या जो रो भी ना पाया
आज भी किस्मत के सहारे चल दिया।
बिगड़े को बनाना और मुश्किल है
निभाना तो उससे भी ज्यादा मुश्किल
और अभागा वो जो ये सब करके भी हार जाए।
तुम तो किस्मत वाली निकली...
जो चाहा किया...
जब मन आए लड़ लिया
सोचो उसका क्या जो रो भी ना पाया
आज भी किस्मत के सहारे चल दिया।
चाहत वो जो कभी खत्म न हो
चाहत वो जो बढ़ती ही जाए
चाहत वो जो हर मुश्किलों से टकराए
चाहत वो नहीं जो खुद ही भाग जाए।