MrDreamy
Favoured Frenzy
एक दिन की है बात, कोई मिली थी कहीं हमें खास
बोलने को ढंग, प्यारी सी बातें, क्यूँ मुझे उसकी आस
उसकी मासूमियत, उसकी अदाएं ऐसे भा गयी मुझे
बस दिनरात बातें करने की मुझे लगने लगी प्यास
दिन गए, महिने भी गुजर गए हमारा साथ नहीं छुटा
मेरे दिल में सपने जागने लगे की वो है यही मेरे पास
फिर एक सैलाब आया, जाने की बातें करने लगी वो
और ना जाने कैसे कब चली गयी, मेरी रुकी सी साँस
मैं जानता हूँ वो मेरी होगी नहीं, मेरे पास आ नहीं सकती
है यक़ीं, जहाँ भी हो, उसके दिल में मेरी जगह रहेगी ख़ास
बोलने को ढंग, प्यारी सी बातें, क्यूँ मुझे उसकी आस
उसकी मासूमियत, उसकी अदाएं ऐसे भा गयी मुझे
बस दिनरात बातें करने की मुझे लगने लगी प्यास
दिन गए, महिने भी गुजर गए हमारा साथ नहीं छुटा
मेरे दिल में सपने जागने लगे की वो है यही मेरे पास
फिर एक सैलाब आया, जाने की बातें करने लगी वो
और ना जाने कैसे कब चली गयी, मेरी रुकी सी साँस
मैं जानता हूँ वो मेरी होगी नहीं, मेरे पास आ नहीं सकती
है यक़ीं, जहाँ भी हो, उसके दिल में मेरी जगह रहेगी ख़ास
