चलो अब मर जाता हूँ
न जाने क्या बात हुई,
हर खुशी क्यों आज ख़फ़ा हुई,
हर जंग में हार रहा हूँ,
फिर भी खुद को सँभाल रहा हूँ,
खुद से ही खुद को समझाता हूँ—
चलो अब मर जाता हूँ।
चेहरे पर हँसी रखता हूँ,
अंदर से मगर रोज़ बिखरता हूँ,
सबको कहता हूँ “ठीक हूँ मैं”,
पर खुद से ही पूछता हूँ—“कहाँ हूँ मैं?”
फिर अपनी ही ख़ामोशी से कहता हूँ—
चलो अब मर जाता हूँ।
जिन्हें अपना समझा, वो दूर हो गए,
मेरे सारे ख़्वाब मजबूर हो गए,
जिस रास्ते पर उम्मीद लेकर चला था,
वहीं हर कदम पर अकेला मिला था,
फिर भी जाने क्यों आगे बढ़ता हूँ—
चलो अब मर जाता हूँ।
रातों ने मुझसे नींद छीन ली,
यादों ने हर खुशी कहीं दफ़्न कर दी,
दिल कहता है अब कुछ नहीं बचा,
दिमाग कहता है—“थोड़ा और चल ज़रा”,
इसी जंग में खुद को रोज़ हराता हूँ—
चलो अब मर जाता हूँ।
शायद कोई समझे मेरी ख़ामोशी,
शायद कोई पढ़ ले आँखों की नमी,
शायद किसी दिन ये दर्द भी कम हो जाए,
शायद मेरा टूटा दिल फिर मुस्कुराए,
फिर भी आज खुद से यही कहता हूँ—
चलो अब मर जाता हूँ।,
Written By Jarvis
न जाने क्या बात हुई,
हर खुशी क्यों आज ख़फ़ा हुई,
हर जंग में हार रहा हूँ,
फिर भी खुद को सँभाल रहा हूँ,
खुद से ही खुद को समझाता हूँ—
चलो अब मर जाता हूँ।
चेहरे पर हँसी रखता हूँ,
अंदर से मगर रोज़ बिखरता हूँ,
सबको कहता हूँ “ठीक हूँ मैं”,
पर खुद से ही पूछता हूँ—“कहाँ हूँ मैं?”
फिर अपनी ही ख़ामोशी से कहता हूँ—
चलो अब मर जाता हूँ।
जिन्हें अपना समझा, वो दूर हो गए,
मेरे सारे ख़्वाब मजबूर हो गए,
जिस रास्ते पर उम्मीद लेकर चला था,
वहीं हर कदम पर अकेला मिला था,
फिर भी जाने क्यों आगे बढ़ता हूँ—
चलो अब मर जाता हूँ।
रातों ने मुझसे नींद छीन ली,
यादों ने हर खुशी कहीं दफ़्न कर दी,
दिल कहता है अब कुछ नहीं बचा,
दिमाग कहता है—“थोड़ा और चल ज़रा”,
इसी जंग में खुद को रोज़ हराता हूँ—
चलो अब मर जाता हूँ।
शायद कोई समझे मेरी ख़ामोशी,
शायद कोई पढ़ ले आँखों की नमी,
शायद किसी दिन ये दर्द भी कम हो जाए,
शायद मेरा टूटा दिल फिर मुस्कुराए,
फिर भी आज खुद से यही कहता हूँ—
चलो अब मर जाता हूँ।,
Written By Jarvis






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