deepx7340
Wellknown Ace
एक छोटे से गाँव में एक बहुत पुरानी हवेली थी। उस हवेली में कोई नहीं रहता था। लोग कहते थे कि उस हवेली में भूत रहता है। एक दिन राहुल नाम का एक लड़का उस हवेली में गया। उसे डर नहीं लगता था। वह हवेली के एक बड़े कमरे में गया। वहाँ एक लकड़ी की पुरानी अलमारी रखी थी। अलमारी पर ताला लगा था। राहुल को लगा कि इसमें कुछ कीमती सामान होगा।राहुल ने एक लोहे की छड़ से ताला तोड़ दिया। जैसे ही उसने अलमारी खोली, उसमें से एक ठंडी हवा निकली। अलमारी के अंदर एक पुरानी डायरी रखी थी। डायरी पर धूल जमी थी। राहुल ने डायरी खोली। पन्ने पीले हो चुके थे। पहला पन्ना खाली था। दूसरे पन्ने पर एक अजीब बात लिखी थी - "जो इसे खोलेगा, वह बाहर नहीं जा पाएगा।" राहुल हँसा और पन्ने पलटने लगा। तभी अचानक कमरे का दरवाजा अपने आप बंद हो गया। खिड़कियाँ जोर-जोर से हिलने लगीं। राहुल ने मुड़कर देखा। दरवाजा पूरी तरह लॉक हो चुका था। उसने खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।कमरे की लाइट बुझ गई। तभी अलमारी के अंदर से एक आवाज़ आई। वह किसी के रोने की आवाज़ थी। राहुल का दिल जोर से धड़कने लगा। उसने टॉर्च जलाई और अलमारी के पास गया। अलमारी के अंदर कोई नहीं था, सिर्फ डायरी चमक रही थी। डायरी का आखिरी पन्ना अपने आप पलटने लगा। उस पर लिखा था - "अब तुम यहीं रहोगे।" राहुल घबरा गया। उसने भागने की कोशिश की। तभी उसे लगा कि कोई उसके कंधे पर हाथ रख रहा है। राहुल ने पीछे देखा तो वहाँ कोई नहीं था। वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। सुबह जब सूरज निकला, राहुल के दोस्तों ने उसे ढूँढा। वे हवेली के अंदर आए। राहुल बेहोश मिला। उन्होंने उसे उठाया। होश में आने के बाद राहुल ने कभी उस हवेली की तरफ नहीं देखा। वह अलमारी आज भी उसी बंद कमरे में है।
इतना सब होने के बाद राहुल बाहर कैसे आया ?



