हर दिन मेरी किताब “अपूर्णता का सफ़र” (The Journey of Imperfection) से एक नई कविता आप तक पहुँचेगी।
यह सफ़र परफ़ेक्ट बनने का नहीं,
बल्कि अपनी कमियों, टूटे ख़्वाबों और अधूरी कहानियों को स्वीकार करने का है।
एक कविता हर दिन…
एक एहसास हर रोज़…
और एक सफ़र — ख़ुद तक पहुँचने का।
अगर आप इस सफ़र का हिस्सा बनना चाहते हैं,
तो बस कमेंट में “YES” लिखें या नीचे दिए गए पोल में YES / NO चुनें।

shayad me reply bhi du