Kartik227
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वक़्त की धारा बहती जाए,
रुकना इसका काम नहीं,
जो इसके संग चलना सीखें,
उनका कोई मुकाम नहीं।
कल की बातें भूल जा तू,
आज में ही जीना सीख,
वक़्त अगर हाथों से निकला,
फिर ना आए लौट के ठीक।
वक़्त कभी हँसना सिखलाए,
वक़्त कभी रुला भी दे,
जो हर हाल में टिक जाए,
वो ही खुद को बना भी ले।
छोटा सा हर एक पल होता,
पर उसमें संसार बसा,
जो पल को पहचान गया वो,
जीवन का आधार बना।
इसलिए तू जाग जा अब,
वक़्त को यूँ मत गँवा,
मेहनत से जो साथ निभाए,
सपनों को सच कर
रुकना इसका काम नहीं,
जो इसके संग चलना सीखें,
उनका कोई मुकाम नहीं।
कल की बातें भूल जा तू,
आज में ही जीना सीख,
वक़्त अगर हाथों से निकला,
फिर ना आए लौट के ठीक।
वक़्त कभी हँसना सिखलाए,
वक़्त कभी रुला भी दे,
जो हर हाल में टिक जाए,
वो ही खुद को बना भी ले।
छोटा सा हर एक पल होता,
पर उसमें संसार बसा,
जो पल को पहचान गया वो,
जीवन का आधार बना।
इसलिए तू जाग जा अब,
वक़्त को यूँ मत गँवा,
मेहनत से जो साथ निभाए,
सपनों को सच कर
