लोग ढूंढेंगे राहत शराब के हर एक घूँट में,
मुझे नशा मिल जाएगा बस उसके पास आने में।
वो जो एक कप में प्यार घोल देती है चुपके से,
फिर न रह जाता कोई ग़म दिल के अफ़साने मे ।
न जाम की जरूरत, न महफ़िलों का शोर,
उसकी चाय ही काफी है दिल को बहलाने में ।
अगर आजमाना ही है तो ले आओ जितने भी नशे हैं जमाने में,
मैं उसकी हाथ की चाय लेकर पहुँचूँगा मयखाने में ।।।
♥︎ ʕ´•ᴥ•`ʔ ♥

मुझे नशा मिल जाएगा बस उसके पास आने में।
वो जो एक कप में प्यार घोल देती है चुपके से,
फिर न रह जाता कोई ग़म दिल के अफ़साने मे ।
न जाम की जरूरत, न महफ़िलों का शोर,
उसकी चाय ही काफी है दिल को बहलाने में ।
अगर आजमाना ही है तो ले आओ जितने भी नशे हैं जमाने में,
मैं उसकी हाथ की चाय लेकर पहुँचूँगा मयखाने में ।।।
♥︎ ʕ´•ᴥ•`ʔ ♥

beautifully written

