तुम्हारी खामोशी की हर एक बात को मैं जान लूँगा,
तुम्हारे टूटे हुए, हर हिस्से को अपना मान लूँगा...
गहराई जितनी भी हो, मैं डूबकर साथ निभाऊँगा,
तुम्हारी इस दीवानगी को अपनी इबादत बनाऊँगा..
हवा बनकर आना तुम, मैं सांसों में बसा लूँगा,
तुम थामना हाथ मेरा, मैं दुनिया से बचा लूँगा..❤️